करवाचौथ के दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए पूरा दिन निर्जला व्रत करती हैं। सनातन धर्म में इस व्रत का बहुत महत्व है। न केवल विवाहित महिलाएं बल्कि अविवाहित लड़कियां भी अच्छा वर पाने की कामना से ये व्रत करते हैं। शास्त्रों में इस दिन से जुड़े कई नियम व हिदायतें वर्णित है। इसमें महिलाओं द्वारा किए जाने वाले श्रृंगार से लेकर पूजा के द्वारा उपयोग की जाने वाले पूजन विधि तथा उसमें उसकी पूजान सामग्री के बारे में भी वर्णन किया गया है। परंतु कुछ महिलाओं ऐसी हैं, जिन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि करवाचौथ के दिन पूजा की थाली में किन किन चीज़ों का होना अनिवार्य होता है। तो आइए आपको बताते हैं कि करवाचौछ की थाली में किन 34 चीज़ों काह होना जरूरी होता है।

1. चंदन
2. शहद
3. अगरबत्ती
4. पुष्प
5. कच्चा दूध
6. शकर
7. शुद्ध घी
8. दही
9. मिठाई
10. गंगाजल
11. कुंकुम
12. अक्षत (चावल)
13. सिंदूर
14. मेहंदी
15. महावर
16. कंघा
17. बिंदी
18. चुनरी
19. चूड़ी
20. बिछुआ
21. मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन
22. दीपक
23. रुई
24. कपूर
25. गेहूं
26. शकर का बूरा
27. हल्दी
28. पानी का लोटा
29. गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी
30. लकड़ी का आसन
31. चलनी
32. आठ पूरियों की अठावरी
33. हलुआ
34. दक्षिणा के लिए पैसे।

जानें कुछ महत्वपूर्ण बातें-
प्रातः सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन करें पानी पीएं और भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें।

इस दौरान महिलाएं पूरे दिन जल-अन्न कुछ ग्रहण नहीं करती, फिर शाम के समय चांद को देखने के बाद दर्शन कर व्रत खोलती हैं।

पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना कर इसमें करवे रखें।
पूजा की थाल में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिन्दूर रखकर देसी घी का दीपक जलाएं।

चांद निकलने के एक घंटे पहले पूजा शुरू करें।

महिलाएं करवा चौथ कथा जरूर सुनें।

छलनी में से चांद को देखने के बाद अर्घ्य देकर चंद्रमा की विधि वत पूजा करें।

इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलें।