स्त्री-पुरूष एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। दोनों का जीवन एक-दूसरे के बिना अधूरा होता है। यही वजह है कि हर साल करवाचौथ के पावन व्रत पर महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए अखंड सौभाग्य देने वाले निर्जल व्रत को रखती हैं। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से मां गौरा और गणेश जी का पूजन करती है। इसी के चलते शनिवार को पूरे दिन दिल्ली के सभी बाजार पूरी तरह गुलजार दिखाई दिए। महिलाओं ने जमकर कपड़े, श्रृंगार का सामान, पूजा का सामान सहित मेहंदी लगवाई।

बाजारों में दिखी भीड़, महिलाओं ने जमकर की खरीदारी
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर परिसर, तिलक नगर मार्केट, ज्वालाहेडी मार्केट, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर सहित सभी छोटे-बड़े बाजारों में महिलाएं जमकर मेहंदी लगवाती दिखाई दीं। वहीं महिलाओं ने अपनी सास व घर की बुजुर्ग औरतों को सरगी में देने के लिए श्रृंगार के सामान जैसे चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, कपड़ों की भी जमकर खरीदारी की। करवाचौथ पर सुंदर दिखने के लिए महिलाओं ने ब्यूटी पॉर्लर में भी पैकेज के अनुसार हेयर कटिंग, आईब्रो व फेशियल इत्यादि करवाया, जिसके चलते पूरे दिन ब्यूटीपॉर्लरों में भीड़ देखने को मिली। बता दें कि ज्योतिषियों के अनुसार करवाचौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग व रोहिणी नक्षत्र होने से व्रत का फल बढ़ गया है।

सरगी का होता है खास महत्व
करवाचौथ व्रत के दिन सरगी का खास महत्व होता है। जहां सरगी में सास अपनी बहुओं को ढेर सारे आशीर्वाद के रूप में श्रृंगार का सामान व मिष्ठान देती हैं। वहीं बहु अपनी सास से आशीष लेने के लिए उन्हें भी श्रृंगार का सामान व वस्त्रादि भेंट स्वरूप देती हैं। जिनकी नई-नई शादी होती है उन लडकियों के मायके से भी मां अपनी बेटियों के लिए सरगी भेजती है।

मट्ठी व फैनी जमकर बिकी
सरगी देने के लिए मट्ठी व फैनी का बहुत महत्व माना जाता है। इसीलिए मिष्ठान भंडारों पर फीकी, मीठी व नमकीन मट्ठियों सहित फैनी की भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। हालांकि बीते साल के मुकाबले इस साल मट्ठी व फैनी के दामों में 15-20 फीसदी की बढोत्तरी देखी जा रही है, जिसकी वजह घी व तेल के दामों का बढऩा बताया जा रहा है।

झंडेवालान मंदिर में मेहंदी लगाने के लिए जूटी महिलाएं
झंडेवालान मंदिर के प्रवक्ता नंदकिशोर सेठी ने बताया कि बीते दो दिनों से मंदिर में मुफ्त मेंहदी लगाने का बंदोबस्त किया गया है। अभी तक हजारों की संख्या में महिलाएं मेहंदी लगाने के साथ ही मां झंडेवाली के दर्शन का भी लाभ ले पाईं है। बता दें कि 22 व 23 अक्तूबर को सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक मेहंदी लगाने का प्रबंध किया गया था।