भोपाल। कमलनाथ सरकार की किसान विरोधी नीतियों और प्रदेश में हो रही यूरिया की किल्लत के खिलाफ शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने किसानों के साथ खेतों, सोसाइटियों और कृषि मंडियों में धरना दिया। गहरी नींद में सोई कांग्रेस सरकार को जगाने के इस अभियान में हजारों किसानों ने शामिल होकर प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी और यूरिया संकट के लिए जिम्मेदार सरकार के कुप्रबंधन की कड़े शब्दों में निंदा की। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सागर के रहली, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान खण्डवा के पुनासा, प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा भोपाल, प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर मंदसौर, प्रदेश मंत्री श्रमती संपतिया उइके मंडला में धरने में शामिल हुए।
- कांग्रेस और कालाबाजारी एक सिक्के के दो पहलूः भार्गव
सागर जिले के रहली में खमरिया सेवा सहकारी समिति के समक्ष आयोजित धरने में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और कालाबाजारी एक सिक्के के दो पहलू है। कांग्रेस जब भी सत्ता में रही उसके कुप्रबंधन के कारण किसानों को परेशान होना पड़ा और कालाबाजारियों की मौज रही। कांग्रेस के राज में खाद, बीज, बिजली और पानी भी मुश्किल से मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र पर झूठा आरोप लगा रही है,  जबकि प्रदेश सरकार के मंत्री और अफसर स्वयं दिल्ली जाकर प्रदेश में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक होने का हवाला देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जितनी यूरिया की मांग की गई,  उससे 0.80 एमएलटी अधिक यूरिया केंद्र सरकार ने दिया है। लेकिन प्रदेश सरकार यूरिया की कालाबाजारी कर रही है। 
- सिर्फ झूठ बोलने का काम कर रही कमलनाथ सरकार : नरोत्तम मिश्रा
दतिया में किला चौक स्थिति गल्ला मंडी में धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग से वादाखिलाफी की है। युवा, महिला, आमजन और किसान,  ऐसा कोई वर्ग नहीं है, जिसे कमलनाथ सरकार ने छला न हो। उन्होंने कहा कि केंद्र का नाम लेकर प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों से बचना चाहती है। मोदी सरकार ने प्रदेश को पर्याप्त यूरिया दिया,  लेकिन प्रदेश सरकार यूरिया की कालाबाजारी में लगी है। धरने में जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र बिदोलिया, पंकज गुप्ता सहित जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- किसानों को भ्रमित कर रही है प्रदेश सरकार : नंदकुमार सिंह
खण्डवा के पुनासा मंडल में बैंक सोसायटी के सामने आयोजित धरने में संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय कभी भी ऐसा मौका नहीं आया कि अन्नदाता को यूरिया के लिए लाइन में लगना पड़ा हो। लेकिन आज किसान यूरिया के लिए लाइन में खड़ा है। क्या इसी बदलाव का कमलनाथ सरकार ने किसानों को वचन दिया था? उन्होंने कहा कि अन्नदाता भारतीय जनता पार्टी की पहली प्राथमिकता है। सत्ता में रहते हुए उसे विभिन्न योजनाओं और बोनस के माध्यम से लाभ दिया। आज भाजपा विपक्ष में है तो पूरी ताकत के साथ भाजपा किसानों की आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए अपने खजाने के दरवाजे खोल दिए हैं। धरने में पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
-रात-रात भर लाइन में लग रहा अन्नदाताः रामेश्वर शर्मा
भोपाल में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने संत हिरदाराम नगर, दीनदयाल उपाध्याय कृषि उपज मंडी में धरने को संबोधित करते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार की वजह से प्रदेश का अन्नदाता यूरिया के लिए पूरे परिवार के साथ रात रात भर लाइनों में लगकर पुलिस की लाठियां खा रहा है। यूरिया की कालाबाजारी चरम पर है। शासन प्रशासन की मदद से यूरिया के दलालों ने लूट मचा रखी है। दूसरी तरफ कमलनाथ सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली में मौज कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान खून के आंसू रो रहा और कांग्रेस सत्ता सुख भोग रही है।
भोपाल की करोंद गल्ला मंडी में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री विश्वास सारंग एवं जिला अध्यक्ष विकास विरानी ने कहा कि कमलनाथ सरकार के कुप्रबंधन के कारण केन्द्र सरकार से भेजा गया यूरिया किसानों को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण प्रदेश भर में किसान परेशान होकर संकट की घड़ी से गुजर रहा है।
-यूरिया के लिए भटक रहा अन्नदाता, कांग्रेस जिम्मेदार : गुर्जर
मंदसौर के ग्रामीण मंडल में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश में किसान यूरिया के लिए दर दर भटक रहा है। आज किसान संकट में है और इसके लिए कांग्रेस की प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। इस अवसर पर सांसद सुधीर गुप्ता भी उपस्थित थे। सीहोर में मंडल स्तर पर हुए धरने में पार्टी के पदाधिकारी और विधायकगण शामिल हुए।
रीवा में कृषि मंडी में यूरिया की किल्लत एवं किसानां की समस्याओं को लेकर आयोजित धरने में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला सहित जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। त्यौथर में सांसद जनार्दन मिश्रा ने धरने का नेतृत्व किया।
होशंगाबाद जिले के बनखेडी मंडल में खेत धरना प्रदर्शन जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। 
इंदौर में छावनी अनाज मंडी में आयोजित धरने में सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता, महेन्द्र हार्डिया, आकाश विजयवर्गीय, प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा, अजा मोर्चा अध्यक्ष सूरज कैरो, मधु वर्मा, गोविन्द मालू सहित जिला पदाधिकारी उपस्थित थे।  बुरहानपुर की वृत्ताकार सोसायटी के समक्ष आयोजित धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस शामिल हुईं। इस अवसर पर जिले के पार्टी के जिला पदाधिकारी,कार्यकर्ता सहित किसान उपस्थित थे।
सतना की कृषि उपज मंडी में आयोजित धरने में सांसद गणेश सिंह, जिला अध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी, रामदास मिश्रा सहित पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। मंडला की कृषि मंडी में आयोजित धरने में राज्यसभा सांसद श्रीमती सम्पतिया उइके किसानों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुईं।
शिवपुरी में आयोजित धरना प्रदर्शन में सांसद डॉ. के पी यादव, जिला अध्यक्ष राजू बाथम, धैर्यवर्धन शर्मा सहित जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। अनूपपुर जिला मुख्यालय के सोसायटी में आयोजित धरना प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष रामलाल रौतेल पार्टी कार्यकर्ताओं एवं किसानों के साथ शामिल हुए। शहडोल के सभी 12 मंडलों में धरना प्रदर्शन किया गया। शहडोल की कृषि उपजमंडी में धरना प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष प्रकाश जगवानी, उर्मिला कटारे सहित पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उज्जैन के गाड़ी अड्डा चौराहा पर धरने में सांसद अनिल फिरोजिया, पूर्व मंत्री पारस जैन, डॉ. मोहन यादव, किशन सिंह भटोल सहित जिला पदाधिकारी उपस्थित थे। ग्वालियर में सांसद विवेक शेजवलकर एवं जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा के नेतृत्व में लक्ष्मीगंज स्थित गल्ला मंडी में धरना आंदोलन में प्रदर्शन किया गया। देवास की कृषि उपज मंडी में आयोजित धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार सहित जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।