जबलपुर. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाली मुस्लिम संगठन की याचिका खारिज कर दी है. हाईकोर्ट के जज जस्टिस विशाल घगट की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि सार्वजिनक जगहों (Public Places) पर धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

इंडियन मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष जावेद खान की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि वह सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ संवैधानिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन करना चाहते हैं. ऐसे में कोर्ट की ओर से इसके लिए उन्हें अनुमति दी जाए. इससे पहले उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए आधारताल इलाके के एसडीएम के समक्ष आवेदन दिया था. एसडीएम ने संबंधित थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर जावेद खान को प्रदर्शन की अनुमति प्रदान करने से इंकार कर दिया था. जिला कलेक्टर तथा संभागायुक्त से भी इसकी अनुमति न मिलने के बाद खान ने अदालत में याचिका दायर की थी.

हाईकोर्ट ने भी ठुकराई मांग
स्‍थानीय प्रशासन से प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर जावेद खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस बाबत हाईकोर्ट ने 28 फरवरी को अपना फैसला सुनाया था. इसमें कोर्ट ने कहा याचिकाकर्ता को पब्लिक प्लेस में धरना प्रदर्शन की अनुमति प्रदान नहीं की जा सकती. पीठ ने कहा कि अभ्यावेदन के निराकरण के संबंध में न्यायालय हस्ताक्षेप नहीं करेगा और जिला कलेक्टर को किसी प्रकार के आदेश जारी नहीं किया जाएगा.