नई दिल्‍ली । देश के अधिकतर राज्‍यों में मौसम ने करवट ले ली है। सर्दी को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही बता दिया है कि इस साल कड़ाके की ठंड पड़ेगी। अब देखना है कि पिछले वर्ष 2019 के दिसंबर में 119 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली ठंड का इस बार कितना भीषण रूप-रंग अख्‍तियार करने वाली है क्‍योंकि पिछले महीने नवंबर में ही ठंड ने 71 सालों के रिकार्ड को धराशायी कर दिया था। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के शुरुआती सप्‍ताह में उत्‍तर भारत में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगा। यह गिरावट 10-11 डिग्री सेल्‍सियस तक होगा। हालांकि मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्‍यों में दिन के दौरान धूप निकलने से राहत रहेगी। लेकिन रात में तापमान में गिरावट जारी रहेगी। दूसरी ओर पश्‍चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत पूरे देश में सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो-तीन दिनों के लिए तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान बताया गया है।
दक्षिण भारत के चक्रवाती तूफानों के बाद अब पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी हिस्‍सों पर भी असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने बुधवार को ट्वीट कर चक्रवाती तूफान 'बुरवेई' को लेकर जानकारी दी है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आज यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। बुधवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में धुंध छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान आठ से नौ डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं हिमाचल प्रदेश में छह दिसंबर से यह बदलाव देखा जाएगा। यहां एक बार फ‍िर पश्‍चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। बीते दिनों हुई बर्फबारी के कारण अब तक राज्‍य की अनेकों सड़कें बंद हैं। अब फ‍िर से बर्फबारी होने पर लोगों की दिक्‍कतें और बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग की मानें तो त्रिपुरा के कुछ हिस्‍सों में घना कुहरा छाने की संभावना बन रही है। स्‍पीड 65 किमी प्रति घंटे हो सकती है, मछुआरों को उन हिस्‍सों में न जाने की सलाह दी गई है।