वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र में शनिवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि राहुल गांधी हाथरस इंसाफ के लिए नहीं राजनीति के लिए जा रहे हैं. राहुल गांधी को एक फोन गहलोत को भी करना चाहिए. स्मृति ईरानी ने कहा कि पीड़िता को न्याय मिलेगा. स्मृति ईरानी ने कहा कि मैंने सीएम योगी से बात की है. उन्होंने न्याय का भरोसा दिया है. एसपी पर कार्रवाई हो गई है. एसआईटी जांच चल रही है. एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

स्मृति ने कहा कि मुझे लगता है कि स्वतंत्र देश ने जनता कांग्रेस के हथकंडों को भलीभांति समझा है. कोई भी नेता किसी भी विषय में राजनीति करना चाहता है तो मैं उसे रोक नहीं सकती है लेकिन जनता समझती है कि हाथरस में कूच उनकी अपनी राजनीति के लिए है न कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए.
उधर, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के उस बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया. जिसमे अशोक गहलोत ने कहा था कि हाथरस घटना की तुलना राजस्थान के बारां से करना ठीक नहीं है. यहां लड़कियां अपनी मर्जी से गईं और दोषियों पर कार्रवाई हुई है. चाहें तो भाजपा नेता विपक्ष की भूमिका में यहां आकर देख सकते हैं. इस पर स्मृति ईरानी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वो संवैधानिक पद पर बैठा हो या नहीं. इस तरह की टिप्पणी करना कि पीड़ित लड़कियां अपनी मर्जी से गईं, ये अशोभनीय है. मैं आशावादी हूं. मुझे लगता है कि राहुल गांधी हो या मिसेज गांधी या मिसेज वाड्रा, एक फोन राजस्थान सरकार को भी करेंगी.
दरअसल सपा महिला नेताओं की कुछ महिला नेता आज स्मृति ईरानी का विरोध करने पहुंची थीं. स्मृति ईरानी आज वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर आई हैं. सर्किट हाउस में उन्होंने पत्रवार्ता का आयोजन किया था. इस दौरान मुख्य द्वार पर सपा महिला नेता पहुंचकर नारेबाजी करने लगीं. महिला नेता हाथों में चूड़ियां लेकर हाथरस की घटना को लेकर स्मृति ईरानी का विरोध कर रही थीं और स्मृति ईरानी से मिलने की मांग कर रही थीं.

मुख्य द्वार पर खुद पहुंचीं स्मृति ईरानी

विरोध की आवाज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तक पहुचीं तो उन्होंने पहले स्थानीय नेताओं को बात करने के लिए भेजा लेकिन जब विरोध शांत नहीं हुआ तो वो खुद मुख्य द्वार पर पहुंच कर उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की और महिलाओं की तरफ बढ़ चलीं.