मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर राज्य के सभी जिलों में गरीबों, अन्य स्थानों के श्रमिकों एवं निराश्रित लोगों को निःशुल्क भोजन व राहत पहुंचाए जाने का सिलसिला अनवतर रूप से जारी है। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन के चलते जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य भर में जगह-जगह राहत शिविर लगाए गए हैं। राज्य में मंगलवार 7 अप्रैल को एक लाख 47 हजार 643 जरूरतमंदों, श्रमिकों एवं निराश्रितों को निःशुल्क भोजन व राशन उपलब्ध कराया गया। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मास्क, सेनेटाइजर एवं दैनिक जरूरत का सामान भी जिला प्रशासन, रेडक्रॉस तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सहयोग से जरूरतमंदों को मुहैया कराया जा रहा हैं। जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आज 7 अप्रैल को स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से दो लाख 35 हजार 499 मास्क एवं सेनेटाईजर, साबुन आदि का वितरण जरूरतमंदों को किया गया हैं। 

    यह उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के चलते जिलों में प्रशासन द्वारा समाजसेवी संस्थाओं एवं दान दाताओं के सहयोग से शुरू किए गए राहत शिवरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 13 लाख 1 हजार 220 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं खाद्यन्न सामग्री उपलब्ध करायी गई है। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए 13 लाख 33 हजार 66 मास्क सेनेटाईजर एवं अन्य सामग्री का निःशुल्क वितरण जन सामन्य को किया गया है। 

    प्रदेश में 7 अप्रैल को 28 जिलों में एक लाख 47 हजार 643 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन उपलब्ध कराने के साथ ही 2 लाख 35 हजार 499 लोगों को आवश्यक मदद एवं मास्क आदि का वितरण किया गया है। शासन एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से आज दुर्ग जिले में सर्वाधिक एक लाख 855 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क एवं अन्य सामाग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 10,909, राजनांदगांव में 10,830, रायगढ़ 3742, बस्तर में 11,708, कांकेर में 35,982, बीजापुर में 63, जशपुर में 780, कोरिया में 2114, सूरजपुर में 2461, बालोद में 511, कबीरधाम में 1928, बलौदाबाजार में 4488, धमतरी में 1843, महासमुंद में 911, बलरामपुर में 6872, कोरबा में 95,657, सरगुजा में 2212, जांजगीर-चांपा में 1957, बिलासपुर में 6065, रायपुर में 23,589, कोण्डागांव में 2369, दंतेवाड़ा में 25,057, बेमेतरा में 383, गरियाबंद में 14,900, नारायणपुर में 1785, मुंगेली में 11,672 तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1499 जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन, राशन एवं अन्य सहायता उपलब्ध करायी गई हैं।