नई दिल्ली । कोरोना वायरस की वजह से इस बार गणतंत्र दिवस का नजारा भी अलग दिखेगा। राजपथ पर वार्षिक गणतंत्र दिवस परेड में कोरोना वायरस महामारी और चल रहे किसान विरोध के कारण दर्शकों और झाकियों-प्रदर्शनियों की संख्या में कटौती होगी। गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जुटे एक अधिकारी ने कहा कि हर साल 1 लाख से अधिक लोगों की तुलना में इस बार महज 25 हजार लोगों को राजपथ पर परेड देखने की इजाजत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता से केवल 4,000 लोगों को ही अनुमति दी जाएगी, बाकी दर्शक वीवीआईपी और वीआईपी मेहमान होंगे। गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए दर्शकों को या तो पास या फिर टिकट की आवश्यकता होती है। इसके अलावा बोट क्लब के पास और इंडिया गेट लॉन में स्थित खुले स्टैंडिंग इलाके में इस बार किसी को भी आने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जहां भव्य परेड देखने के लिए हर साल हजारों लोग इकट्ठा होते हैं। अधिकारियों ने कहा कि केवल 15 वर्ष से अधिक और 65 वर्ष से कम आयु के लोगों को ही परेड देखने की अनुमति दी जाएगी। दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने नाम न जाहिर होने देने की शर्त पर कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करने के लिए राजपथ के पास स्टैंड को कुर्सियों के साथ बदल दिया गया है। कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए नए मानदंड निर्धारित किए जा रहे हैं। इस साल तीनों रक्षा बलों, हथियार प्रणालियों और अर्धसैनिक बलों के समूहों के मार्च करने वाली मुख्य परेड लाल किले तक जाने के बजाय इंडिया गेट पर ही समाप्त हो जाएगी। हालांकि, झांकी को लाल किले के मैदान तक जाने की अनुमति दी जाएगी। नाम न जाहिर होने देने की शर्त पर एक अन्य अधिकारी ने कहा कि लाल किले तक परेड नहीं लेने और नई दिल्ली जिले के भीतर इसे प्रतिबंधित करने के निर्णय से प्रतिभागियों की आवाजाही में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह इंडिया गेट से लाल किले तक जाने वाले मार्ग पर लोगों के भीड़भाड़ को भी रोकेगा। गणतंत्र दिवस के दिन नई दिल्ली जिले को सील कर दिया जाएगा और नई दिल्ली जिलों की परिधि पर प्रवेश टिकट या पास की जांच की जाएगी। इनमें से कुछ चेक प्वाइंट आईटीओ, धौला कुआं, अरबिंदो चौक और रणजीत सिंह फ्लाईओवर के पास हैं। परेड देखने जाने वाले हर व्यक्ति को अपने पहचान प्रमाण के साथ अपना टिकट या पास दखाना होगा। अधिकारी के अनुसार जिनके नाम पर टिकट और पास हैं, सिर्फ वही जा सकते हैं, उनके नाम पर कोई और नहीं जा सकता। पुलिस उपायुक्त ईश सिंघल ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा को कई लेयरों में स्थापित किया गया है - बाहरी घेरा, मध्य घेरा और भीतरी घेरा। सुरक्षा के बाहरी घेरा से लोगों को सख्त निगरानी के साथ अनुमति दी जाएगी, जहां पिकेट और चेक प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। यहां रैंडम चेकिंग के लिए लोगों को रोका जाएगा। हालांकि, गणतंत्र दिवस के टिकट या पास वाले लोगों को ही सिर्फ भीतरी घेरा से अनुमति दी जाएगी। इतना ही नहीं, गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वालीं सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों का आकार छोटा होगा। इन दस्तों में हर साल की तरब 144 की तुलना में इस बार केवल 96 प्रतिभागी होंगे। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस पर भी कोरोना का साया था, जिसकी वजह से कम ही मेहमानों के साथ आजादी का जश्न मनाया गया था। अधिकारी ने कहा कि सभी एंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी और साथ ही डॉक्टर और हेल्थ वर्कर भी होंगे। सैनिटाइजर, फेस मास्क और ग्लव्स की भी व्यवस्था होगी।