नारायणपुर : आखिर प्रमिला का चेहरा एकाएक खिल उठा, उसके चहरे पर सुकून भरी मुस्कराहट भी तस्वीरों में साफ देखी जा सकती है। प्रमिला के  खिलखिलाने की वजह बताने से पहले जाने कि प्रमिला की कम आयु और पढ़ाई के बीच शादी हो गई थी। शादी के कुछ माह बाद ही उसके पिता की भी मौत हो गयी। बच्चों की देखभाल के साथ ही अकेली मां की जिम्मेदारी और खेती-किसानी का काम भी उसी के जिम्मे आ गया। खेती-किसानी का उसके पास ज्यादा अनुभव भी नहीं था। उसके पिता की मौत को लगभग 15 वर्ष हो चुके है। असिंचित भूमि होने और प्राकृतिक आपदा के वक्त या अन्य कारणों से सीमित फसल में भी नुकसान का डर उसे रहरह कर डराता था। इस कारण वह उदास भी रहती थी। प्रमिला काफी समय से मां की देखभाल कर रही है। उसके इस नेक काम में उसका पति सुनील भी पूरी मदद करता है। वह अपने गांव आमगांव जो कि नारायणपुर से लगभग 22 किलामीटर दूर है। समय मिलने पर उसका हाथ बटाता है। प्रमिला की मां को राज्य शासन द्वारा वृद्धा पेंशन भी दी जा रही है।

उसकी उदास और चिन्ता भरी जिन्दगी को खुशनुमा रंग दिया, राज्य शासन की किसान कल्याणकारी योजनाओं ने। सरकार की इस योजना से उसके चेहरे पर मुस्कराहट भर दी। राज्य शासन के क्रेडा और उद्यानिकी विभाग की विभागीय योजनाओं ने उसके खेत में सौर चलित सिंचाई पम्प तो लगाया ही, बल्कि आधा एकड़ में नेट हाउस भी लगाया जा रहा है। यह दोनों कामों के लिए प्रमिला के मात्र 16000 हजार रूपए ही देने पड़ें। सरकार की ओर से हर मौसम में खेती-बाड़ी की व्यवस्था सरकारी योजनाओं ने पूरी कर दी। प्रमिला इसके लिए तहेदिल से राज्य सरकार और जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा करती है।

प्रमिला खुशी-खुशी बताती है कि अब वह सौर सिंचाई पंप का एक बटन दबाकर अपनी खेत की हर मौसम में सिंचाई कर रही है। वहीं अब हर मौसम में नेट हाउस में पत्तेदार सब्जियों के साथ सब्जियों एवं अन्य कृषि फसलें भी करेंगी। प्रमिला ने बताया कि नेट हाउस तैयार होते ही वह करेला, टमाटर, लौकी एवं अन्य पत्तेदार सब्जियां लगायेगी। आपको मालूम हो कि नेट हाउस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खराब मौसम, बारिश या दूसरे जानवरों से आपकी फसल पूरी तरह सुरक्षित रहती है। इसके अलावा फसल की उत्पादकता पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक होती है। साथ ही नेट हाउस में सब्जी या फल जो भी आप उगाते है, उसकी गुणवत्ता भी काफी अच्छी होती है। इसकी वजह से उगाए गए उत्पादक की बाजार में बेहतर कीमत मिलती है। प्रमिला के नेट हाउस में पौधों को ड्रिप सिंचाई से पानी दिया जायेगा। प्रमिला के खेत में ड्रिप सिंचाई प़द्धति लगने से उन्नतिशील उत्पादन एवं जल संचयन भी होगा।

जिले के किसान अव पराम्परागत खेती के अलावा आज किसान नवीन कृषि तकनीक को अपना कर अपनी खेती मे ंमोटा मुनाफा कमा रहे हैं। कृषि की इन आधुनिक तकनीकों में एक तकनीक है नेट हाउस खेती की जो काफी फायदेंमद है। इसी खेती को अब प्रमिला अपनाने जा रही है।