नई दिल्ली । देश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच  यूपी के मेरठ में किसान महापंचायत में पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तीनों कृषि कानून को डेथ वारंट बताया। केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए ये कानून पास कराया है। इस कानून के चलते सबकी खेती इन पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी। 
केजरीवाल ने किसान नेता राकेश टिकैत के रोने का जिक्र करते हुए कहा कि जब किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत रो रहे थे तो मुझसे यह देखा नहीं गया। उन्होंने कहा कि किसानों पर लाठियां बरसाई जा रही है, कीले ठोकी जा रही है। ऐसा तो अंग्रेजों ने हमारे किसानों पर इतने जुल्म नहीं किए थे, भाजपा ने तो अंग्रेज़ो को भी पीछे छोड़ दिया। अब ये हमारे किसानों पर झूठे मुकदमे कर रहे है। 
केजरीवाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ''आज अपने देश का किसान बहुत ज्यादा पीड़ा में है। किसान भाई परिवार समेत 95 दिनों से कड़कती ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर धरने पर बैठा है। 250 से ज्यादा किसान भाइयों की शहादत हो चुकी है। लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी की सरकारों ने 70 सालों किसानों को धोखा दिया है। किसान 70 साल से अपनी फ़सल का सही दाम मांग रहा है। सभी के चुनावी घोषणापत्र में लिखा होगा कि हमें जीता दो हम सही दाम दे देंगे। लेकिन अगर सही दाम दे देते तो किसान आत्महत्या नहीं करता।''
बीजेपी पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने 2014 के घोषणापत्र में कहा था कि हम स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करेंगे। किसानों ने इन्हें जमकर वोट दिया। 3 साल बाद भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट के एफिडेविट में लिखा कि वो एमएसपी नहीं देंगे। इन्होंने किसानों की पीठ में छुरा मार दिया। केजरीवाल ने कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है नियत की कमी है। उन्होंने कहा कि अच्छी नियत वाली सरकार होगी तो किसान ट्रैक्टर लेकर मिल में जाएंगे और उनके घर पहुंचते ही गन्ने का भुगतान हो जाएगा। 
योगी सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि  योगी कि ऐसी क्या कमजोरी है कि ये मिल मालिकों को ठीक नहीं कर सकते। जब मैं दिल्ली में सत्ता में आया तो पांच साल बाद बिजली कंपनियों को ठीक कर दिया। पहले दिल्ली में 20-20 हजार बिल आते थे आज दिल्ली में मुफ्त में बिजली मिलती है और 24 घंटे बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार अगर किसानों को उनकी फसल के पैसे नहीं दिला सकती तो लानत है आप (योगी) पर। 
केजरीवाल ने कहा कि सभी पार्टी की सरकारों ने 70 सालों किसानों को धोखा दिया है। किसान 70 साल से अपनी फ़सल का सही दाम मांग रहा है। सभी के चुनावी घोषणापत्र में लिखा होगा कि हमें जिता दो हम सही दाम दे देंगे। लेकिन अगर सही दाम दे देते तो किसान आत्महत्या नहीं करता। किसान आंदोलन को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा किसान आंदोलन सबसे पवित्र है। जो देश से प्यार करते हैं वो इस आंदोलन के खिलाफ नहीं जाएंगे।  
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर लागू कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान नेता राकेश टिकैत देशभर में घूम-घूम कर किसानों की पंचायत कर रहे हैं। वहीं, सियासी दल भी किसानों के मसले पर महापंचायत करने में जुटे हैं। पिछले दिनों कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने किसान महापंचायत को संबोधित किया था, अब दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी किसान महापंचायत करने जा रही है। 
किसान महापंचायत के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुद किसान नेताओं के साथ बैठक की और कृषि कानून को लेकर चर्चा की। 21 फरवरी को सीएम केजरीवाल ने दिल्ली की विधानसभा में किसान नेताओं के साथ बैठक कर कृषि से जुड़े तीनों कानूनों पर विस्तार से चर्चा की थी। सीएम केजरीवाल ने तब खुद कहा था कि किसान नेताओं ने इन कानूनों से पूरे देश को होने वाले नुकसान को विस्तार से समझाया।  
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत बंद कर दिए जाने को दुखद बताते हुए कहा था कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं, बल्कि देश के हर आम नागरिक की है।  उन्होंने कहा था कि समाधान तो बातचीत से ही निकलेगा। ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमारे देश की सरकार यदि किसानों की नहीं सुनेगी तो किसकी सुनेगी।