बिहार के सीएम नीतीश कुमार आज दिल्ली के चुनावी समर में उतर रहे हैं। प्रशांत किशोर प्रकरण के बाद वह पहली बार अमित शाह के साथ मंच साझा करेंगे। प्रशांत किशोर (पीके) को जेडीयू से बाहर कर दिया गया है। अब पीके की कंपनी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के लिए चुनावी रणनीति बना रही है।
नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते कहा था कि अमित शाह की पैरवी पर ही पीके की इंट्री उनकी पार्टी में हुई थी। इसके बाद जवाब में प्रशांत किशोर ने ऐसे ट्वीट किए जो उनकी पार्टी से निकाले जाने का कारण बने। उन्‍हें पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर विवादित बयान देने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर पार्टी से निष्‍कासित कर दिया गया था।


पूर्वांचल के वोटर रिझाने के लिए जेडीयू की मदद
दिल्ली में पूर्वांचल के वोटरों को रिझाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जेडीयू को दो सीटें दी हैं। संगम विहार और बुराड़ी में जेडीयू मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। नीतीश कुमार रविवार को दोनों जगह रैली करेंगे। बुराड़ी में अमित शाह उनके साथ होंगे। संगम विहार में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ नीतीश प्रचार करेंगे। यह जानकारी जेडीयू के दिल्‍ली प्रभारी और बिहार में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने एनबीटी को दी। संजय झा दिल्‍ली में लंबे समय तक पार्टी के महासचिव के तौर पर काम कर चुके हैं।

कांग्रेस ने लिया आरजेडी का सहारा
दिल्ली के चुनावी अखाड़े में इस बार बिहार का दंगल दिलचस्प है। बीजेपी ने जेडीयू को साथ में लिया है तो कांग्रेस ने आरजेडी के सहारे पूर्वांचल के वोटरों को साधने की कोशिश की है। जेडीयू 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बुराड़ी और संगम विहार विधानसभा सीट जेडीयू के पास है तो सीमापुरी सीट एलजेपी को दी गई है। कांग्रेस ने भी आरजेडी से गठबंधन किया है और चार विधानसभा सीटों बुराड़ी, किराड़ी, उत्तम नगर और पालम से आरजेडी लड़ रही है। असल में इन चारों सीटों पर पूर्वांचली वोटर काफी तादात में हैं। राजधानी में ऐसा पहली बार हो रहा है जब क्षेत्रीय पार्टियां इस चुनाव में प्रभावी भागीदारी दिखा रही हैं।


बुराड़ी है पूर्वांचल का वोट बैंक
बुराड़ी को पूर्वांचल के वोट बैंक के तौर पर देखा जाता है। ज्यादातर उम्मीदवार भी पूर्वांचल से ताल्लुक रखते हैं। इस सीट से आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक संजीव झा पूर्वांचली चेहरा हैं। वह 2013 और 2015 में यहां से जीत चुके हैं। बीजेपी ने 2015 में पूर्वांचली चेहरा कहे जाने वाले गोपाल झा को टिकट दिया था। इस बार बीजेपी गंठबंधन की तरफ से जेडीयू के पूर्वांचली प्रत्याशी शैलेंद्र सिंह मैदान में उतरे हैं। कांग्रेस गठबंधन की तरफ से आरजेडी के प्रमोद त्यागी को मौका दिया है।