इंदौर (Indore): मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) की कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) बीजेपी (BJP) की शिवराज सिंह (Shivraj Singh) सरकार के एक बड़े फैसले को पलटने जा रही है. एमपी के कॉलेजों (College) में अब सेमेस्टर प्रणाली (Semester System) फिर से लागू होगी. उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी (Jeetu Patvari) ने शनिवार को इंदौर (Indore) में इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा (Higher Education) की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सेमेस्टर सिस्टम लागू करना आवश्यक है इसे, नए शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी की जा रही है.

उन्‍होंने कहा कि मध्य प्रदेश के सभी कॉलेजों में अब एक बार फिर से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जाएगा. उच्‍च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सेमेस्टर सिस्टम लागू करना जरूरी है. इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों और दूसरी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों से मिले सुझावों के बाद सेमेस्टर सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है, जिसे नए शैक्षणिक सत्र से अमलीजामा पहनाया जाएगा. सरकार के इस फैसले से छात्रों को फायदा होगा, साथ ही यूनिवर्सिटीज को भी लाभ मिलेगा.

2016 में हुआ था सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने का फैसला मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार के दौरान 22 सितम्बर 2016 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश व्यापी आंदोलन के दौरान तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने की घोषणा की थी. 2017 में नौ साल बाद फिर से प्रदेश के कॉलेजों में वार्षिक परीक्षा पद्धति लागू हो गई थी. उस समय एबीवीपी ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया था, लेकिन अब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद फिर से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा रहा है.

एनएसयूआई ने किया स्वागत
कमलनाथ सरकार के इस फैसले का नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने स्वागत किया है एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि ये छात्रों के हित में लिया गया फैसला है, इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा बल्कि छात्रों का रिजल्ट भी अच्छा आएगा, क्योंकि सेमेस्टर की वजह से एक साथ पूरा सिलेबस पढ़ने का दबाव छात्रों के ऊपर से कम हो जाएगा.