उत्तर भारत में जारी मौसम की खराबी के कारण यदि रविवार को करवा चौथ पर चंद्र दर्शन नहीं हो पाता तो भी सुहागिनें शास्त्रों के मुताबिक बिना चंद्र दर्शन के चंद्रमा को अर्क दे सकती हैं जालंधर के पंडित दिनेश शास्त्री ने शिव पुराण का हवाला देते हुए बताया कि यदि मौसम की खराबी अथवा किसी अन्य कारण से चंद्र दर्शन नहीं होता है तो सुहागिनें शिव भगवान के मस्तक पर मौजूद चंद्र के दर्शन करके उन्हें अर्क दे सकती हैं इसके अलावा प्लेट पर चावल अथवा सफेद चंदन से भी चंद्र की आकृति बना कर उन्हे अर्क दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मौसम की खराबी के मुताबिक चंद्र भले ही दर्शन न दें लेकिन आसमान में चंद्र मौजूद होंगे और चंद्र दर्शन के निर्धारित समय के पश्चात 15 मिनट के इंतजार के बाद उन्हें उक्त तरीकों से अर्क दिया का सकता है। इसके अलावा वृहदा आरण्यक उपनिषद में भी इस बात का जिक्र है कि यदि चंद्र दर्शन संभव नहीं हो पा रहा तो चंद्रमा का बीज "ॐ श्राम श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः" पढ़ कर चंद्रमा का ध्यान कर के उन्हें अर्क दिया जा सकता है।