भोपाल. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में दलबदल और सत्ता पलट के बाद अब उपचुनाव (by election) में जाने से पहले ट्विटर पर लड़ाई लड़ी जा रही है. ताज़ातरीन मसला टाइगर (tiger) है. सिंधिया के खुद को टाइगर कहने की देर थी कि कांग्रेस ने मुद्दा लपक लिया. अब बयानों और ट्वीट की झड़ी लगी हुई है. कांग्रेस नेताओं ने पूछा अगर टाइगर थे तो अब तक आस्तीन में क्यों थे.
टाइगर स्टेट एमपी में इन दिनों टाइगर जंगल से निकलकर राजनीति में आ गया है. कभी शिवराज ने खुद को टाइगर बताया था और अब सिंधिया नये दावेदार आ गए. शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जब उन्होंने मीडिया में दिये बयान में कहा-टाइगर अभी ज़िंदा है तो मानो कांग्रेस को उन पर जवाबी हमला करने का अच्छा मौका मिल गया. कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रहे उमंग सिंघार ने ट्वीट किया.उसमें उन्होंने लिखा-अगर टाइगर हो तो अब तक आस्तीन में क्यों थे ?
उधर सिंधिया के बयान पर पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह ने भी चुटकी ली. उन्होंने भी ट्विटर का ही सहारा लिया. राकेश सिंह ने लिखा- बकौल शिवराज और सिंधिया के टाइगर अभी जिंदा हैं. अपने भविष्य के लिए इस जंगल के बचे हुए खरगोश और अन्य जीव भयभीत हैं. चौधरी राकेश सिंह ने अपने ट्वीट में कैलाश विजयवर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर, उमाभारती, नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव को टैग कर दिया.

ये है मामला
गुरुवार को शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सिंधिया बाहर निकले तो मीडिया उनके इंतज़ार में खड़ा था. उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को ये कहकर ललकारा कि टाइगर अभी ज़िन्दा है.सिंधिया ने कहा था, 'न मुझे कमलनाथ से प्रमाणपत्र चाहिए और न दिग्विजय सिंह से. प्रदेश के सामने तथ्य हैं कि 15 महीनों में इन्होंने किस तरह प्रदेश का भंडार लूटा है. वादा खिलाफी का इतिहास देखा है. मैं दोनों से यही कहना चाहता हूं कि टाइगर अभी जिन्दा है.