इंदौर. हाईकोर्ट की इंदौर (Indore Bench) पीठ ने एक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने शराब की अवैध ढुलाई (Illegal Wine) कर रहे दो आरोपियों को सशर्त ज़मानत देने का आदेश दिया. शर्त ये है कि दोनों आरोपी ज़िला अस्पताल में अच्छी क्वालिटी का 5-5 लीटर सैनेटाइजर दान करेंगे. साथ में 200 मास्क भी मुहैया कराएंगे. वह भी अच्‍छी गुणवत्‍ता वाली होनी चाहिए. उसके बाद ही ज़िला अदालत आरोपियों को ज़मानत दे.लॉकडाउन के दौरान शराब का अवैध परिवहन करने के आरोप में पकड़े गए दो आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट इंदौर ने कहा कि आरोपी पहले जिला अस्पताल में पांच-पांच लीटर अच्छी गुणवत्ता का सैनेटाइजर और उच्च गुणवत्ता के 200-200 मास्क दान करें. इसके बाद ही उन्हें जिला अदालत में 40-40 हजार रुपए की जमानत और इतनी ही रकम का मुचलका देने पर जमानत दी जाए.

ये है पूरा मामला 
ये मामला धार जिले के कानवन थाने का है. पुलिस ने सरोज और रवि नाम के दो युवकों के खिलाफ आबकारी एक्ट में केस दर्ज कर दोनों को हिरासत में लिया था. इन पर आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान दोनों बिना परमिट के नागदा से इंदौर शराब ला रहे थे. दोनों आरोपी 21 मई से जेल में हैं. उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाते हुए कहा कि मामले की जांच पूरी कर चालान प्रस्तुत किया जा चुका है. कोरोना महामारी के कारण मामले की सुनवाई लंबी चलने की आशंका है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए.


हाईकोर्ट ने जमानत के लिए लगाई ये शर्त 
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश दिया कि दोनों आरोपी पांच-पांच लीटर अच्छी गुणवत्ता का सैनेटाइजर और उच्च क्वालिटी के 200-200 मास्क जिला अस्पताल धार में दान करें. ऐसा करने के बाद उन्हें 40-40 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी जाए. अदालत ने अपने आदेश में ये भी कहा कि आरोपियों को जमानत पर रिहा करने से पहले उनका कोरोना टेस्ट भी कराया जाए.