रायपुर : राज्य के दुर्गम और नक्सल प्रभावित जिलों की ग्राम पंचायतों भी अब हाईटेक हो रही है। नारायणपुर की 35 ग्राम पंचायतों को भारत नेट परियोजना अंतर्गत जोड़ा गया है। इसके साथ ही एक थाना फरसगांव में भी सुविधा दी गयी है। अब गांव के लोगों को लोक सेवा गांरटी के अंतर्गत 36 सेवाओं जैसे आय प्रमाण पत्र मूल निवासी, भूमि से नकल, अनुसूचित जाति जनजाति प्रमाण पत्र के अलावा राजस्व सेवा के अन्य कामजात की नकल लेने के लिए आफिसों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये सभी नकलें गांव के लोक सेवा केन्द्रांें आसानी से मिल जायेंगी। भारत नेट परियोजना के पहले फेज में नारायणपुर की 44 ग्राम पंचायतों में भारत नेट कनेक्टीविटी से जोड़े जाने का लक्ष्य है। वर्तमान में 35 ग्राम पंचायत नेट कनेक्टीविटी से जुड़ गयी है। स्थानीय लोगों एवं व्यावसायी ले रहे इन गांवों वासियों को 100 मीटर तक वाई-फाई की सुविधा जल्द मिलेगी।
    ई-जिला प्रबंधक (ईडीएम) श्री कामरान खान ने बताया कि 9 ग्रामों में ओएफसी केबल का काम चल रहा था। किन्तु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगाये गये लॉकडाउन के चलते आप्टिकल केबल नहीं आ पायी। जिसके कारण कुछ कार्य प्रभावित है। उन्होंने बताया कि इन 35 ग्राम पंचायतों नेट कनेक्टीविटी के लिए 20 जीबी डाटा फ्री में मिलेगी। उसके बाद 2 एमबीपीएस की स्पीड भी निःशुल्क रहेगी। हाई स्पीड के लिए निर्धारित राशि तय की गयी हैं। जिसकी अधिकतम स्पीड 10 एमबीपीएस होगी। केबल बिछाने का काम सीएससी ई-गर्वनेंस द्वारा किया जा रहा है। नेट कनेक्टीविटी की सुविधा मिलने से गांववासी काफी खुश हैं। वहीं ग्रामीण सरकारी अमले के कामकाज में भी सहूलियत मिली है और काम में तेजी आयी है। तकनीकी कारणों से इंटरनेट कनेक्टीविटी में दिक्कत आने पर 24 घंटे के भीतर उस तकनीकी दिक्कतों को दूर कर सुविधा बहाल हो रही है।