नई दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी ‎कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक ‘बाइक आधारित’ एम्बुलेंस सौंपी जिसे दूरदराज और संकरी गलियों में रहने वालों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस वाहन को ‘रक्षिता’ नाम दिया गया है और इसे डीआरडीओ की ‘इनमास’ प्रयोगशाला ने विकसित किया है। 
संकरे रास्तों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह वाहन उपयोगी है क्योंकि ऐसी जगहों पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती।रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, “संघर्षरत क्षेत्रों में घायल व्यक्तियों का जीवन बचाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।