गाजियाबाद । प्रख्यात कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा की एक सप्ताह के लिए पासपोर्ट रिलीज किए जाने की अर्जी को एसीजेएम-8 कोर्ट ने खारिज कर दी है। रेमो के वकील ने दुबई और लंदन जाने की बात कहकर अदालत से पासपोर्ट रिलीज करने की गुहार लगाई थी। वादी पक्ष के अधिवक्ता मोहनीश जयंत ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने रेमो डिसूजा के खिलाफ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी में केस दर्ज किया। इसके बाद कोर्ट ने गैरजमानती वॉरंट भी जारी किया गया था।
अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए रेमो डिसूजा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली थी। इस दौरान कोर्ट ने सिहानी गेट थाना पासपोर्ट जमा कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद डिसूजा ने एसएसपी के पास पहुंचकर विदेश जाने की अनुमति मांगी, लेकिन जांच अधिकारी अशोक उपाध्याय ने इनकार कर दिया। 10 जनवरी को रेमो के वकील ने कोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए कहा कि डिसूजा को 16 जनवरी 2020 से लेकर 22 जनवरी 2020 तक दुबई और लंदन जाना है, इसलिए पासपोर्ट रिलीज किए जाने का आदेश दिया जाए।
एसीजेएम-8 कोर्ट के न्यायिक मैजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि रेमो डिसूजा ने गाजियाबाद के रहने वाले सत्येंद्र त्यागी के साथ मिलकर वर्ष 2013 में एक फिल्म बनाई थी। जरीन खान अभिनीत फिल्म 'अमर मस्ट डाई' के निर्माण में कुल 5 करोड़ रुपए का खर्च आया था। यह पैसा रेमो ने सत्येंद्र से लगवाया था। वादा किया था कि एक साल के अंदर वह पूरा पैसा दोगुना करके लौटा देगा। निर्धारित समय पर रेमो ने पैसे वापस नहीं किए तो सत्येंद्र ने सिहानी गेट थाना में केस दर्ज कराया था।