नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने चांदबाग और जाफराबाद हिंसा मामलों में दो चार्जशीट आज कोर्ट में दाखिल की। इसमें कई बड़े खुलासे किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की एसआईटी (SIT) ने आम आदमी पार्टी से निष्कासित पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ आज चार्जशीट दायर की गई। पुलिस ने ताहिर हुसैन को चांदबाग हिंसा मामले का मास्टमाइंड बताया है। चार्जशीट में उमर खालिद का नाम भी है, मगर उन्हें चांदबाग हिंसा मामले में अभी आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उमर खालिद को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया है। ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को भी आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट 1030 पन्नों की है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दंगे के वक्त आरोपी ताहिर हुसैन अपने घर की छत पर मौजूद थे। ताहिर हुसैन पर दंगा कराने का आरोप लगाया गया है। आरोप ये भी है कि ताहिर हुसैन ने ही दंगे करवाए। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि दंगा कराने के लिए आरोपी ताहिर हुसैन ने एक करोड़ 30 लाख रुपये भी खर्च किए।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एसआईटी आने वाले दिनों में अन्य लोगों के खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दायर कर सकती है। गौरतलब है कि 24 फरवरी को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की जांच टीम ने ताहिर हुसैन की छत से पेट्रोल बम और काफी तादाद में पत्थर भी बरामद किए थे। इस हिंसा के अगले दिन यानी 25 फरवरी को फिर चांदबाग इलाके में हुई हिंसा में अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी।
ताहिर हुसैन दिल्ली हिंसा के करीब 10 अलग-अलग मामलों में आरोपी है। इसमें से एक मामला आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड भी है। आरोपी ताहिर हुसैन के खिलाफ आगजनी मामले में यह पहली चार्जशीट दाखिल हो रही है। चार्जशीट में 50 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। चांदबाग इलाके में हुई हिंसा में यह आरोप लगाया गया था कि ताहिर हुसैन के घर से ही पथराव और आगजनी की शुरुआत की गई थी।