भोपाल । त्योहारों के नजदीक आते ही आल इंडिया परमिट धारी बस संचालकों ने दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों का किराया बढ़ा दिया है। लोगों को मजबूरन ज्यादा किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। त्योहारों दूसरे राज्यों से आने जाने वाले लोगों की संख्या में वृद्वि हो जाती है। इन लोगों में नौकरी पेशा और छात्रों की संख्या सबसे अधिक होती है। पड़ोसी राज्यों के शहर में जाने के लिए ट्रेनों में सीटें भरने के बाद बसों का रुख करते हैं, लेकिन इसी मजबूरी का बस संचालक फायदा उठाते है। हालांकि इस बार किराया बढ़ाने के पीछे वे लोग डीजल की बढ़ती कीमतों को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उदाहरण के लिए इंदौर से मुंबई के लिए आम दिनों में वाल्वो बस का किराया जो 1800 रुपये तक होता है। वह किराया बढ़ा कर 2500 से 3000 रुपये कर दिया है। इसके अलावा रायपुर, पुणे, नासिक, अहमदाबाद, औरंगाबाद के लिए भी ज्यादा किराया वसूला जा रहा है।
नाम नहीं छापने के अनुरोध पर एक बस संचालक ने बताया कि साल में केवल दीपावली और रक्षाबंधन ही ऐसे त्योहार है। जिस पर हमें ज्यादा सवारी मिलती है। कई बार ऐसा होता है कि आने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है। तो हमें इंदौर से खाली गाड़ी भेजना होती है। ऐसे में एक तरफ का किराया भी हमारे खर्च में जुड़ जाता है। वहीं कोराना महामारी के कारण हमारा कामकाज ठप था। महाराष्ट्र के शहरों के लिए तो बसों का संचालन ही बंद था। जिससे काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में अगर हम मांग बढऩे पर थोड़ा किराया बढ़ा रहे है, तो गलत नहीं कर रहे है।