नई दिल्ली, कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों में टकराव बढ़ गया है. सरकार और किसान नेताओं के बीच दिल्ली के विज्ञान भवन में पांचवें दौर की बातचीत चल रही है. बैठक में सरकार और किसान अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं. सरकार ने कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा, जिसे किसान नेताओं ने ठुकरा दिया. किसान नेता कृषि कानून रद्द कराने पर अड़े हैं. किसान संगठनों ने बैठक में कहा कि हम सरकार से चर्चा नहीं, ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में. अब तक बहुत चर्चा हो चुकी है. दिल्ली के विज्ञान भवन में हो रही इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मौजूद हैं. वहीं बैठक में किसानों के 40 प्रतिनिधि शामिल हैं.बता दें कि आज की बैठक से पहले ही किसानों ने तेवर दिखा दिए थे. सिंधु बॉर्डर पर डेरा डाले अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार का कोई भी संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा. हन्नान मोल्लाह ने कहा कि इसे सिर्फ पंजाब आंदोलन बोलना सरकार की साजिश है, मगर आज किसानों ने दिखाया कि ये आंदोलन पूरे भारत में हो रहा है और आगे भी होगा. हमने फैसला लिया है कि अगर सरकार कोई संशोधन रखेगी तो हम संशोधन स्वीकार नहीं करेंगे. वहीं, आज की मीटिंग से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे.

पीएम मोदी और अमित शाह की हुई मुलाकात
इससे पहले, किसानों के मुद्दे पर शनिवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे. किसान संगठनों के साथ पांचवें की दौर की बैठक से पहले ये बड़ी मीटिंग हुई. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मीटिंग में शामिल होने पहुंचे. इसके बाद पीएम मोदी और अमित शाह की फिर बैठक हुई.