केंद्र सुधारों पर राजी, पर किसान नहीं

किसानों और केंद्र के बीच एक दिन पहले यानी गुरुवार को हुई बातचीत में साफ हो गया था कि आंदोलन अभी थमेगा नहीं। क्रांतिकारी किसान यूनियन के लीडर दर्शनपाल ने आज कहा कि केंद्र कानूनों में कुछ सुधार पर राजी है, पर हम नहीं। हमने उन्हें बता दिया है कि पूरे कानून में ही खामी है। हम कल होने वाली मीटिंग से पहले आज आपस में बातचीत करेंगे और अपनी रणनीति तैयार करेंगे। संगठनों के बीच बैठक हो रही है।
दिल्ली बॉर्डर पर 9 प्वाइंट बंद, किसान लगातार जमा रहे

आंदोलन के चलते दिल्ली बॉर्डर पर 9 प्वाइंट पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। कुछ वैकल्पिक रास्ते दिल्ली में जाने के लिए हैं, लेकिन इन पर भी ट्रैफिक की स्थिति खराब है। हरियाणा और पंजाब के किसान लगातार बॉर्डर पर जमा हो रहे हैं। आज रात सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर हजारों युवा जमा होंगे। इनका जत्था गांवों से रवाना हो गया है। नौजवान भारत सभा ने बताया कि मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर, जालंधर, अमृतसर, गुरदासपुर, नवानशहर, रोपड़, संगरूर और पटियाला से युवा बॉर्डर पर आ रहे हैं।


महिलाएं फावड़ा लेकर खेतों में उतरीं, ताकि न आंदोलन कमजोर पड़े न फसल

केंद्र बोला- MSP रहेगी, किसान बोले- मुद्दा कानून का है

केंद्र और किसानों के बीच चौथे दौर की बातचीत करीब 7 घंटे चली। बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) को छुआ नहीं जाएगा। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। एक्ट के प्रावधानों में किसानों को सुरक्षा दी गई है। उनकी जमीन की लिखा-पढ़ी कोई नहीं कर सकता ।

किसानों ने कहा- मसला इकलौते MSP का नहीं, बल्कि कानून पूरी तरह वापस लेने का है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केवल एक नहीं, बल्कि कई मसलों पर बातचीत होनी चाहिए। केंद्र और किसानों के बीच अब पांचवें दौर की बातचीत 5 दिसंबर को होगी।

टिकरी बॉर्डर बना मिनी पंजाब, 26 किमी. तक किसानों के ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

सरकार ने 7 घंटे में किसानों की 7 चिंताएं सुनीं, सिर्फ एक पर वादा किया, बाकी पर भरोसा दिलाया

किसानों की चिंताएं    सरकार का जवाब

MSP यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस बंद तो नहीं हो जाएगी?    MSP चल रही थी, चल रही है और आने वाले वक्त में भी चलती रहेगी।
APMC यानी एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर मार्केट कमेटी खत्म तो नहीं हो जाएगी?    प्राइवेट मंडियां आएंगी, लेकिन हम APMC को भी मजबूत बनाएंगे।
मंडी के बाहर ट्रेड के लिए PAN कार्ड तो कोई भी जुटा लेगा और उस पर टैक्स भी नहीं लगेगा।    सरकार का वादा- ट्रेडर के रजिस्ट्रेशन को जरूरी करेंगे।
मंडी के बाहर ट्रेड पर कोई टैक्स नहीं लगेगा?    APMC मंडियों और प्राइवेट मंडियों में टैक्स एक जैसा बनाने पर विचार करेंगे।
विवाद SDM की कोर्ट में न जाए, वह छोटी अदालत है।    ऊपरी अदालत में जाने का हक देने पर विचार करेंगे।
नए कानूनों से छोटे किसानों की जमीन बड़े लोग हथिया लेंगे।    किसानों की सुरक्षा पूरी है। फिर भी शंकाएं हैं तो समाधान के लिए तैयार हैं।
बिजली संशोधित बिल और पराली जलाने पर सजा पर भी हमारा विरोध है।    सरकार विचार करने पर पूरी तरह राजी है।
चर्चा में किसानों का खाना और जलेबी

किसानों का रवैया ऐसा था कि बातचीत के दौरान लंच ब्रेक हुआ तो उन्होंने अपने साथ लाया खाना ही खाया। कहा- सरकार का चाय या खाना मंजूर नहीं। 1 दिसंबर की मीटिंग में भी किसानों को सरकार की तरफ से चाय ऑफर की गई तो उन्होंने कह दिया था कि चाय नहीं, मांगें पूरी कीजिए। आप धरनास्थल पर आइए, आपको जलेबी खिलाएंगे।