रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश ने राज्य में मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा लोंगो को रोजगार देने के निर्देश दिए है। कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा के लिए लॉकडाउन के कारण अन्य स्थानों से आए श्रमिकों को भी मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के 27 जिलों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब-तक 55 हजार 981 परिवारों को सौ दिन का रोजगार दिया गया है। कबीरधाम जिला सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में राज्य में प्रथम स्थान पर है। कबीरधाम जिले में अब तक 6 हजार 139 परिवारों को सौ दिन का रोजगार दिया गया है। मनरेंगा के तहत कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में रोजगार मूलक कार्य कराए जा रहे है। वैश्वीक महामारी कोरोना वायरस से हुए लॉकडाउन में भी जिले के पंजीकृत मजदूरों को सोशल डिस्टेंस और मास्क के साथ बड़ी मात्रा में काम दिया गया है। यह पहला अवसर है कि गत महीनो में लगभग 1.40 लाख मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे थे। चालू वित्तीय वर्ष में 1 लाख 47 हजार 862 परिवारों को रोजगार देते हुए अब तक 63.49 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार का सृजन किया जा चुका है।

    कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा ने बताया की वैश्वीक महामारी कोविड लॉकडाउन के दौरान रोजगार गारंटी योजना ग्रमीणों के लिए सहारा बन कर सामने आया। एक ओर जहां शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम थे तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना से लगातार काम मिल रहा था। तालाब, डबरी, कुंआ, सड़क मिटटीकरण जैसे हितग्राही मूलक कार्यो से ग्रामीण बहुत लाभान्वित हुए। यही कारण है कि चालू वित्तीय वर्ष के माह अप्रेल, मई एवं जून के दौरान ग्रामीणों को रोजगार दिया गया ।    जिले में वर्ष के लिए लगभग 77 लाख मानव दिवस का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरूद्ध इस वित्तीय वर्ष के तीन माह में ही 63 लाख से अधिक के मानव दिवस रोजगार का सृजन कर लिया गया है। जो कि लक्ष्य का 82 प्रतिशत है। इस तरह आने वाले समय में मनरेगा के तहत लक्ष्य से और अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिल सकेगा। जिले में जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत 1 हजार 873 परिवार, जनपद पंचायत कवर्धा में 1 हजार 590 परिवार, जनपद पंचायत बोड़ला में 1 हजार 480 परिवार एवं जनपद पंचायत पंडरिया में 1 हजार 196 परिवारों सहित कुल 6 हजार 139 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चूका है तथा अब तक 13 हजार 341 कार्यो को पूर्ण किया जा चूका है। वर्तमान में भी बहुत से हितग्राही एवं सामुदायिक मूलक कार्य चल रहें है, जिसमें पंजीकृत मजदूरों को रोजगार का अवसर मिल रहा है।