रीवा। संजय गांधी हॉस्पिटल में खून का गोरख धंधा चल रहा है। चौथीबार ब्लड बैंक में खून निकलवाने पहुंचे युवक को सुरक्षा कर्मचारियों ने दबोच लिया। यहीं नहीं सरगना को पकडऩे के लिए चार घंटे तक फोन लगाते रहे, लेकिन वह मोबाइल रिसीव नहीं किया। आरोपी युवक ब्लड लेकर फरार हो गया। बाद में सुरक्षा कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन को जानकारी देकर सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया है। मामले में पुलिस पकड़े गए आरोपी युवक से पूछताछ कर रही है।

कर्मचारी की सांठ-गांठ 

सुबह ब्लड बैंक में रेरुआ गांव निवासी देवेन्द शुक्ला खून निकलवाने के लिए पहुंचा था। जांच के दौरान पता चला कि ब्लड बैंक में किसी सिंह नाम के कर्मचारी की सांठ-गांठ कर ब्लड निकालने का काम किया जाता है। सुरक्षा कर्मचारियों के पूछताछ में पता चला कि देवेन्द्र शुक्ला चौथीबार ब्लड निकलने के लिए आया था। आरोपी युवक ने बताया कि राजा यादव के बुलाने पर ब्लड देने के लिए आया था। इससे पहले वह तीन बार ब्लड बैंक में खून निकलवा चुका है।

700 रुपए देकर बुलाया था युवक

अस्पताल में खून का गोरखधंधा करने वाला राजा यादव ने पहलीबार 700 रुपए दिया, इसके बाद एक हजार और तीसरी बार पैसा नहीं दिया। चौथीबार उसे पिछला पैसे भी देने के लिए बुलाया था। सुरक्षा कर्मचारियों ने पकड़े गए युवक को सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया है। बताया गया कि अस्पताल में ब्लड का कारोबार कर रहे लोग मरीजों को पांच हजार रुपए में ब्लड मरीजों को बेच रहे हैं। पकड़ा गया युवक, बबलू पटेल पुत्र बैजनाथ को ब्लड देने के लिए पहुंचा था।

बगैर आइडी निकाल रहे ब्लड 

नियम है कि तीन माह के भीतर एक व्यक्ति को एक बार ही ब्लड डोनेट करना है। लेकिन, पकड़ा गया युवक एक माह में चौथीबार ब्लड बैंक में खून निकलवाने के लिए पहुंचा था। ब्लड बैंक में आधार नंबर या फिर अन्य दस्तावेज लेने के बाद ही प्रक्रिया पूरी की जाती है। चौथी बार ब्लड देने पहुंचे युवक के पकड़े जाने के बाद साफ हो गया है कि ब्लड बैंक में खून कारोबार किया जा रहा है।

ऐसे पकड़ा गया युवक

पकड़ा गया युवक पहली बार ब्लड बैंक में खून निकलवाने के लिए पहुंचा था। इस दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति ने समोसे लाने के लिए आरोपी युवक को 100 रुपए दिया था। लेकिन, आरोपी युवक पैसे लेकर गायब हो गया था। आज दोबारा दिखा तो दिव्यांग युवक ने पकड़ लिया। इसकी जानकारी सुरक्षा कर्मचारियों को दी।

न्यूज़ सोर्स : Good Morning Rewa