भोपाल । प्रदेश में अभी तक स्थानांतरित हुए 35,800 में से 30,445 शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया, लेकिन अब भी 3126 शिक्षक होल्ड पर हैं। ये शिक्षक संकुल केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के स्थानांतरण प्रक्रिया एक माह बाद भी खत्म नहीं हो पाई है। सूत्रों की माने तो प्रदेश के 2188 शिक्षकों ने अपना स्थानांतरण निरस्त करा लिया है। ऐसे में स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। भोपाल जिले में करीब 100 शिक्षक ऐसे हैं जो होल्ड पर हैं। इनके प्रकरण निरस्त भी नहीं हुए है। इस मामले में तत्कालीन भोपाल डीईओ केपीएस तोमर ने लोक शिक्षण संचालनालय(डीपीआई) को जिले के स्कूलों में रिक्त पदों की सूची दी थी। जिन्हें डीपीआई को पोर्टल पर अपलोड करना था, लेकिन अभी तक पोर्टल पर अपलोड न होने के कारण होल्ड शिक्षक परेशान हो रहे हैं। 
    ज्ञात हो कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 5 अगस्त से शिक्षकों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं और 16 अगस्त से ज्वाइनिंग व रिलीविंग प्रक्रिया शुरू हुई है। होल्ड पर होने के कारण इन शिक्षकों को अभी तक अगस्त माह का वेतन भी नहीं मिला है। इनके साथ समस्या यह है कि वे पुरानी संस्था से रिलीव हो गए हैं और नई संस्था में ज्वाइनिंग नहीं हो पाई है। इस कारण संकुल प्राचार्यों ने ऐसे शिक्षकों का वेतन नहीं बनाया है। इससे भी होल्ड पर रखे गए शिक्षक परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में शासकीय अध्यापक संगठन प्रदेश संयोजक उपेन्द्र कौशल का कहना है कि अगर होल्ड पर रखे गए शिक्षकों को शीघ्र ही ज्वाइनिंग नहीं कराई जाती है तो ऐसे प्रकरणों को लेकर संगठन कोर्ट की शरण लेगा।