पीरियड्स के दौरान लड़कियां प्राइवेट पार्ट को लेकर काफी ज्यादा सेंसेटिव हो जाती हैं, जिसकी वजह इस दौरान होने वाला दर्द और ब्लीडिंग होती है। वह अपने अराउजल को भी कंट्रोल करती हैं और मास्टरबेशन तक से दूर रहने में भलाई समझती हैं। इस वजह से कई बार उन्हें फ्रस्टेशन की समस्या भी हो सकती है।
कई रिसर्च और स्टडी के जरिए यह साबित हो चुका है कि मास्टरबेशन अगर पीरियड्स के दौरान किया जाए तो इस दौरान होने वाला ऑर्गेज्म यौन संबंध बनाने से होने वाले ऑर्गेज्म से भी ज्यादा बेहतर होता है। आगे जानें कि क्यों होता है ऐसा...एक स्टडी के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान हॉर्मोन में होने वाले बदलावों के कारण ज्यादातर महिलाएं सेक्स के प्रति आकर्षण महसूस करती हैं। इससे उनके प्लेजर एक्सपीरियंस की क्षमता और बढ़ जाती है।यौन संबंध के दौरान वजाइना एरिया को फोरप्ले के जरिए नैचरली ल्यूब्रिकेट करा जाता है, लेकिन पीरियड्स के दौरान यह हिस्सा गीला ही रहता है इससे उत्तेजित होना बेहद आसान हो जाता है।पीरियड्स में महिलाओं का प्राइवेट पार्ट सेंसेटिव हो जाता है इससे उस पर मास्टरबेशन के दौरान पड़ने वाला प्रेशर आसानी से ऑर्गेज्म दिलाता है।