हर किसी की किस्‍मत में ऐसा रिश्‍ता नहीं होता है जिसमें वह खुश और संतुष्ट हो। हालांकि, इसके बावजूद परिस्‍थितियां कुछ ऐसी होती हैं कि चैलेंजिंग होने के बाद भी इससे लोग खुद को अलग नहीं कर सकते हैं। 

फिर सवाल उठता है कि लोग क्‍यों ऐसे रिश्‍ते में बने रहना चाहते हैं जिसमें वे नाखुश हैं या संतुष्‍ट नहीं हैं? एक स्‍टडी में इसका जवाब मिल गया है।पर्सनैलिटी और सोशल साइकॉलजी के जर्नल में छपी एक स्‍टडी के अनुसार, ज्‍यादातर लोग अपने पार्टनर के खातिर ऐसे रिलेशनशिप में बने रहते हैं जो कि उम्‍मीद के मुताबिक रोमांटिक नहीं है। वे ब्रेकअप नहीं करते हैं क्‍योंकि उन्‍हें लगता है कि ऐसा करना दूसरे शख्‍स के लिए सही नहीं होगा। 

जब दूसरा पार्टनर रिलेशनशिप पर हो ज्‍यादा निर्भर 
जब लोग रिलेशनशिप को खत्‍म करने पर विचार करते हैं, तब उन्‍हें यह भी लगता है कि शायद उनका पार्टनर रिश्‍ते को जारी रखना चाहता हो और इसी कारण से वे ब्रेकअप नहीं करते हैं। स्‍टडी की लीड ऑथर सामंथा जोएल ने कहा, 'रिलेशनशिप पर ज्‍यादा निर्भर लोग अपने पार्टनर पर विश्‍वास करते थे और उतना ही कम वे ब्रेकअप की शुरुआत करते थे।' 

क्‍या कहना है एक्‍सपर्ट्स का? 
एक्‍सपर्ट्स मानते हैं कि अपने लवर से ब्रेकअप करना आसान नहीं होता है। यही नहीं, अगर एक पार्टनर रिलेशनशिप में खुश है जबकि दूसरा नहीं तो एक-दूसरे को छोड़ना और ज्‍यादा मुश्‍किल भरा हो जाता है। 

दूसरी स्‍टडीज क्‍या कहती हैं? 
दूसरी स्‍टडीज की मानें तो इमोशन्‍स और रिलेशनशिप में दिया गया समय इस बात का फैसला करता है कि आपको अनहैपी रिलेशनशिप में रहना है या नहीं। कई बार लोग ऐसे रिश्‍ते में तब बने रहते हैं जब उनके पास दूसरा ऑप्‍शन नहीं होता है या वे अकेला होने से डरते हैं।