भोपाल  । गृह मंत्री बाला बच्चन ने आज ड्रग्स माफिया के खिलाफ आपरेशन ‘प्रहार’ का वार पर पत्रकार वार्ता की। उन्होने पत्रकारों से कहा कि मध्यप्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जब प्रदेश की बागडोर अपने हाथ में ली तब इस बात की गंभीरता का उन्हें आभास हुआ कि मध्यप्रदेश न सिर्फ आर्थिक दृष्टिकोण से गर्त में धकेल दिया गया है, अपितु प्रदेश में मिलावट खोरो का साम्राज्य स्थापित हो चुका है, अपराध चरम पर हैं और प्रदेश अवैध मादक पदार्थ के तस्करों का गढ़ भी बन चुका है।
श्री बच्चन ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तत्परता से अपराधियों, मिलावटखारों और मादक पदार्थों का अवैध कारोबार करने वाले माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिये। जिसके परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। पिछले आठ माह में अपराध दर में कमी आई है। मिलावटखोरों को रासुका तक में निरूद्ध किया जा रहा है और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ मप्र के नार्कोटिक्स और पुलिस विभाग द्वारा आपरेशन ‘प्रहार’ चलाया जा रहा है। यह अभियान एक अगस्त 2019 से प्रारंभ किया गया है तथा 31 अगस्त 2019 तक व्यापक स्तर पर माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। अपराधियों और मादक पदार्थों के तस्करों द्वारा सांठ-गांठ कर मध्यप्रदेश की भावी पीढ़ी को इसकी गिरफ्त में लेने की कोशिश की जा रही है। एक तरफ ये माफिया अवयस्क बच्चों को नशे का आदी बनाते हैं फिर उन्हें अपराध की ओर धकेल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है मध्यप्रदेश के भविष्य को प्रदेश की प्रगति की दिशा निर्धारित करने के लिए उन्हें नशे का आदी नहीं होने देंगे, इसलिए नशामुक्ति जनजागृति अभियान भी प्रारंभ किया गया है। जिसमें युवाओं, स्कूली-कालेज छात्रों, आमजनों के बीच पहुंचकर उन्हें नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है। एक अगस्त से 31 अगस्त 2019 तक चलाये जाने वाले इस जनजागृति अभियान का नाम ‘प्रतिकार’ निर्धारित किया गया है। इस अभियान के तहत समूचे मध्यप्रदेश में 6 लाख युवाओं से वरिष्ठ अधिकारियों ने संवाद स्थापित किया है। लघु फिल्मों, पावर पाइंट प्रजेंटेशन इत्यादि के माध्यम से उन्हें नशे के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित किया गया है।
प्रदेश में काग्रेस सरकार आते ही मादक पदार्थों के अवैध तस्करों के खिलाफ एक बड़ी जंग मुख्यमंत्री के निर्देश पर छेड़ दी गई है, इसका परिणाम यह हुआ कि बीते तीन सालों में अवैध मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ जितनी कार्यवाही की गई थी उससे अधिक और प्रभावी तरीके से बीते आठ माह में कमलनाथ सरकार ने अवैध मादक पदार्थों के माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की है।
01 जनवरी से 31 जुलाई 2016 में स्मैक, अफीम, गांजा, चरस, कैमिकल्स ड्रग्स इत्यादि के 464 प्रकरण दर्ज कर 680 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई थी। इसी प्रकार 2017 की इस अवधि में 577 प्रकरणों में 812 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई थी। वर्ष 2018 में इस अवधि के दौरान 967 प्रकरणों में 1354 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई। कमलनाथ सरकार के आते ही ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया और 01 जनवरी से 31 जुलाई 2019 के बीच 1623 प्रकरणों में अवैध मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्यवाही की गई और 2129 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई। वर्तमान में चलाये जा रहे आपरेशन ‘प्रतिकार’ में 01 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अर्थात मात्र 15 दिनों में स्मैक, चरस, गांजा, अफीम, कैमिकल ड्रग्स इत्यादि के 244 प्र्रकरणों में 300 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर बीते आठ माह में 1867 अवैध मादक पदार्थों के प्रकरण दर्ज किये गये हैं और 2429 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है।
इससे साफ परिलक्षित होता है कि कमलनाथ सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ खड़ी हो गई है। हम संकल्पित हैं कि मध्यप्रदेश के भविष्य को नशे के गर्त में नहीं जाने देंगे और मध्यप्रदेश जल्द ही ड्रग्स माफिया मुक्त होगा। प्रेस वार्ता में मीडिया उपाध्यक्ष अभय दुबे, महासचिव राजीव सिंह, प्रवक्तागण रवि सक्सेना, जे पी धनोपिया, दुर्गेश शर्मा , आनंद तारण, शाहवर आलम उपस्थित थे !