रीवा। प्रदेश के कई हिस्सों में वन भूमि पर कब्जा करने की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। कई स्थानों पर बवाल भी हो चुका है। अब रीवा जिले में मऊगंज के बाद गोविंदगढ़ क्षेत्र में जबरिया वन भूमि कब्जाने का प्रयास किया गया है। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम पहुंचे और उन्हें हटने के लिए कहा, जिसके बाद ग्रामीणों की ओर से पहले विरोध किया गया। जिसकी वजह से स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बढ़ते तनाव को देखते हुए गोविंदगढ़ पुलिस को सूचित किया। मौके पर पुलिस की टीम भी पहुंच गई, जिसके बाद वहां पर बांस-बल्लियां लगाकर किए गए कब्जे को हटाया गया।
बताया जा रहा है कि मड़वा गांव से लगी वन भूमि का करीब सौ हेक्टेयर से अधिक का हिस्सा खाली है। जहां पर मकान बनाए जा सकते हैं, इसीलिए मड़वा और आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में दलित और आदिवासी समुदाय के लोग पहुंचे थे। अभी ये अपने-अपने लिए भूमि का क्षेत्र चिन्हित कर रहे थे। झोपडिय़ां और मकान बनाने की बाद में तैयारी थी।
हाल ही में कुछ स्थानों पर इस तरह की घटनाओं के बाद बवाल भी हो चुका है, जिसके बाद प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है। इसी की वजह से अब रीवा में भी उसी तरह से माहौल बनाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो कुछ ऐसे संगठन हैं जो गरीबों के बीच पहुंचकर उन्हें लाभ दिलाए जाने का प्रलोभन देते हैं और इस तरह के बड़े आंदोलन खड़े किए जाते हैं। बीते साल दलित सभा द्वारा सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने कई बार कलेक्ट्रेट का घेराव किया था।
प्रशासन को उनकी मांगे पूरी करने के लिए आश्वासन दिया गया, हालांकि नियमों के विपरीत भी कुछ मांगें थी, इसलिए उन्हें पूरा कर पाना फिलहाल संभव नहीं है। जिसकी वजह से उनकी मांगों पर शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। इसके पहले डभौरा, घटेहा, सिरमौर, मऊगंज, हनुमना, गुढ़ सहित कई अन्य क्षेत्रों से रातोंरात झोपडिय़ां बनाकर वनभूमि में कब्जा करने का प्रयास किया गया था। बीते साल मनगवां के नजदीक निजी भूमि पर कब्जा कर लिया था। जिसके चलते कई दिनों तक तनाव बना रहा।

ग्रामीणों की हुई बैठक

वन विभाग की टीम ने मड़वा में जिस स्थान से कब्जा करने वालों को हटा दिया है। टीम के लौटने के बाद वहां पर फिर से गतिविधियां देखी गई हैं। बताया गया है कि देर रात गांव में ही फिर से इनकी बैठक हुई है और तय किया गया है कि फिर से वह मौके पर जाएंगे और कब्जा करेंगे। जिस दौरान कब्जा हटाया जा रहा था तो कुछ महिलाओं ने आशीष यादव नाम के वनकर्मी का हवाला देते हुए कहा कि जब उसे कह दिया तो फिर क्यों रोका जा रहा है। उक्त वनकर्मी के बारे में जानकारी मिली है कि उसका तबादला हो चुका है लेकिन विभाग पर दबाव बनाने के लिए कुछ उसके करीबी भी कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उसका नाम आया है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

रेलवे ट्रैक भी है नजदीक

मड़वा में जिस स्थान पर वन भूमि में कब्जा करने का प्रयास किया गया है। उसके नजदीक ही रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है। जिस पर कार्य भी चल रहा है। साथ ही बायपास और बहुती नहर भी वहीं से गुजरी है। जिसकी वजह से उक्त भूमि काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वह कब्जा नहीं होने देंगे।

न्यूज़ सोर्स : Good Morning