रीवा। सीएम हेल्पलाइन की सबसे अधिक शिकायतों के मामले में रीवा चर्चित रहा है। पूर्व में इनके निराकरण में बेहतर रैंक मिलती रही है लेकिन अब सबसे आखिरी के नंबरों में पहुंच गया है। प्रदेश के 16 नगर निगमों की ग्रेडिंग 20 जुलाई तक की स्थिति में जारी की गई है, जिसमें रीवा की दयनीय स्थिति है। रीवा नगर निगम को 15वां स्थान मिला है। इसके पीछे केवल एक नगर निगम ग्वालियर है, शेष भी छोटे-बड़े नगर निगम रीवा से आगे हैं। पूर्व में जारी रैंक में रीवा की स्थिति में सुधार हुआ था, इसके बाद से अधिकारी-कर्मचारी उदासीन होते गए और छोटे नगर निगमों से भी पीछे चले गए।
इनदिनों बरसात का सीजन चल रहा है, इसलिए सबसे अधिक शिकायतें जलभराव, सीवरेज की वजह से सड़कें खराब होने, दूषित पानी की सप्लाई, आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या आदि की आ रही हैं। इन शिकायतों की नियमित समीक्षा नहीं होने के चलते निचले स्तर पर कर्मचारी मनमानी रूप से काम करने लगे हैं। अधिकांश शिकायतों पर संबंधित से संपर्क ही नहीं किया जाता और यह कहा जाता है कि शिकायत का निराकरण हो चुका है। इसके बाद शिकायतकर्ता फिर से आपत्तियां कर देते हैं और दूसरे लेवल तक शिकायतें पहुंच रही हैं।

एल-4 तक पहुंच चुकी हैं शिकायतें

नगर निगम क्षेत्र की कई शिकायतें जो लगातार बढ़ती जा रही हैं। 100 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों की समीक्षा के दौरान भी ग्रेडिंग तय की जाती है। रीवा नगर निगम की स्थिति इसमें भी अन्य की तुलना में खराब रही है। 100 दिन पहले से लंबित शिकायतों का वेटेज 9.58 है। बताया जा रहा है कि एल-4 तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं, वहां से कार्रवाई के निर्देश भी मिले लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई तो रैंकिंग में रीवा पिछड़ता गया।

ये है नगर निगमों की रैंक

प्रदेश के 16 नगर निगमों की जारी की गई सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग में रीवा को 15वें पर रखा गया है। इसके पीछे केवल ग्वालियर नगर निगम है। वहीं रतलाम पहले और सिंगरौली दूसरे नंबर पर है। इसी तरह तीसरे नंबर से क्रमश: उज्जैन, कटनी, जबलपुर, इंदौर, खंडवा, सतना, ङ्क्षछदवाड़ा, भोपाल, देवास, मुरैना, सागर, बुरहानपुर आदि शामिल हैं। स्वच्छता के मामले में इंदौर और भोपाल देशभर में अव्वल हैं लेकिन सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के मामले में सिंगरौली से भी पीछे चले गए हैं।

इंदौर में सबसे अधिक शिकायत

महीनेभर में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से मिली शिकायतों के मामले में इंदौर की संख्या सर्वाधिक रही है। जनसंख्या की दृष्टि से भी यह शहर अधिक है। यहां पर 3138, भोपाल में 2818, ग्वालियर में 2398, जबलपुर में 1732, इसके बाद रीवा में 962, सतना 893, उ"ौन 788, मुरैना 625, रतलाम 568, खंडवा 512, सिंगरौली 441, सागर 396, कटनी 378, देवास 302, बुरहानपुर 256, छिंदवाड़ा 244 आदि हैं।

न्यूज़ सोर्स : Good Morning Rewa