रीवा। सरकार वनाधिकार पट्टों के परीक्षण के लिए एक बार फिर पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं बुलाने जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कलेक्टर को पत्र जारी कर अब तक निरस्त किए गए और लंबित वनाधिकार पट्टों की दोबारा परीक्षण कराने का निर्देश दिया है।

दोबारा होगी सुनवाई

जिले में छह से ज्यादा वनाधिकार पट्टे के आवेदन निरस्त किए गए हैं। जिले में सर्वाधिक पट्टे जवा, त्योंथर, मऊगंज, हनुमना, सिरमौर और सेमरिया सहित हुजूर तहसील के गोविंदगढ़ एरिया में निरस्त किए गए थे। सरकार एक बार फिर विशेष शिविर लगाकर अब तक निरस्त किए गए वनाधिकार के तहत पट्टे के आवेदनों की दोबारा सुनवाई करेगी।

15 से 20 जुलाई तक आयोजित होंगी विशेष ग्राम सभाएं

जिले में छह से ज्यादा वनाधिकार पट्टे के आवेदन निरस्त किए गए हैं। जिले में सर्वाधिक पट्टे जवा, त्योंथर, मऊगंज, हनुमना, सिरमौर और सेमरिया सहित हुजूर तहसील के गोविंदगढ़ एरिया में निरस्त किए गए थेअपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने कलेक्टर को पत्र जारी कर कहा है कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत निरस्त एवं लंबित दावों के निराकरण के लिए 15 जुलाई से 20 जुलाई तक विशेष ग्राम सभाएं होंगी। उन गांव में ही ग्राम सभा होगी, जहां निरस्त दावे प्राप्त होंगे।

राज्य स्तरीय टीम करेगी परीक्षण

जिले में छह से ज्यादा वनाधिकार पट्टे के आवेदन निरस्त किए गए हैं। जिले में सर्वाधिक पट्टे जवा, त्योंथर, मऊगंज, हनुमना, सिरमौर और सेमरिया सहित हुजूर तहसील के गोविंदगढ़ एरिया में निरस्त किए गए थे माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रचलित प्रकरण वाइल्ड लाईफ फस्र्ट ऑफ इंडिया विरूद्ध भारत सरकार एवं अन्य में दिए गए निर्देश के अनुक्रम में निरस्त दावों का पनु: परीक्षण किया जाना है। प्रदेश में राज्य स्तरीय निगरानी समिति में निरस्त दावों का ग्राम सभा स्तर पर परीक्षण करने और युक्तियुक्त सुनवाई करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में यह विशेष ग्राम सभाएं होगी।

न्यूज़ सोर्स : Good Morning Rewa