भोपाल। राजधानी के कमला नगर थाना क्षेत्र की मांडवा बस्ती में पिछले महीने मासूम के अपहरण के बाद में दुष्कर्म, अप्रकृतिक कृत्य के बाद में हत्या करने के दिल दहला देने वाले मामले में आरोपी विष्ण बामोरे को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस सोमवार से शुरू हुई थी, जो मंगलवार को पूरी हो गई, बुधवार को कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने आरोपी को फांसी देने का ऐलान किया। ये फैसला 32 दिन में आया है। 

पुलिस की ओर से आरोपी को फांसी की सजा दिलाने के पूरे प्रयास किए गए थे। इसके पहले बुधवार को आरोपी विष्णु बामोरे को पुलिस कोर्ट में पेश किया। अदालत में आरोपी पर हमले की आशंका को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शासकीय वकील मनीषा ने कोर्ट से आरोपी को फांसी देने की मांग की थी। वहीं कोर्ट में जज ने आरोपी से पूछा कि तुम्हें अपने पक्ष में कुछ कहना है। इस पर आरोपी विष्णु बामोरे ने कहा- मुझे कुछ भी नहीं कहना है। इसके बाद जज कुमुदिनी पटेल ने कहा- फिर ठीक है हम आधे घंटे में फैसला सुनाएंगे। 

गौरतलब है कि बीते महीने सात जून को मांडवा बस्ती में ही रहने वाले आरोपी विष्णु प्रसाद ने आठ साल की मासूम को अगवा करने के बाद में बलात्कार किया था। इसके बाद में उसके साथ में अप्रकृतिक कृत्य भी किया गया था। बाद में मासूम की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। आठ जून की सुबह मासूम बच्ची की लाश उसके परिजनों ने घर के पास ही एक चेंबर के पटिये पर रखी हुई बरामद की थी। दस जून को पुलिस ने आरोपी को खंडवा से गिरफ्तार किया था। 15 दिनों में पुलिस ने इस मामले का चालान कोर्ट में पेश कर दिया था।  कोर्ट ने आरोपी विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और उसके बाद हत्या की धाराओं में दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी को 363, 366, 376, 377 302 और 201 धाराओं में दोषी माना है।