रीवा। जलसंसाधन विभाग के बाणसागर परियोजना के छह कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। कई वर्षों से चल रही इन परियोजनाओं का कामकाज समापन की ओर है, जिसकी वजह से कर्मचारियों के लिए कार्य बहुत कम बचा था। वहीं दूसरे कार्यालयों में घटते स्टाफ की वजह से कामकाज का लोड भी बढ़ता जा रहा था। इस कारण विभाग ने छह कार्यालयों को बंद कर उनके कर्मचारियों को गंगा कछार कार्यालय में समाहित करने का आदेश जारी किया है। बीते साल भी कई बड़े कार्यालय रीवा के तोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिए गए थे।
यहां का सर्वे संभाग तो राजगढ़ जिले में समाहित कर दिया गया है। यहां से फर्नीचर सहित अन्य संसाधन भी वहीं भेजा गया है। जिन छह परियोजनाओं के कार्यालयों को बंद किया गया है, उनके कर्मचारियों और फर्नीचर सहित अन्य संसाधन गंगा कछार के मुख्य अभियंता कार्यालय में भेजा गया है।

शिफ्ट किये गये कार्यालय

सरकार ने जलसंसाधन विभाग के जिन कार्यालयों को बंद कर गंगा कछार के मुख्य अभियंता कार्यालय में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया है, उसमें प्रमुख रूप से भू-अर्जन अधिकारी इकाई क्रमांक 5, अनुविभागीय अधिकारी बाणसागर भू-अर्जन एवं पुनर्वास उपसंभाग क्रमांक पांच गोविंदगढ़, भू-अर्जन अधिकारी इकाई क्रमांक 6 रीवा, अनुविभागीय अधिकारी बाणसागर भू-अर्जन एवं पुनर्वास उपसंभाग क्रमांक 10, अनुविभागीय अधिकारी बाणसागर भू-अर्जन एवं पुनर्वास उपसंभाग क्र.2 त्योंथर एवं अनुविभागीय अधिकारी बाणसागर भू-अर्जन एवं पुनर्वास उपसंभाग क्र.1 त्योंथर आदि शामिल हैं। उक्त कार्यालयों से जुड़ा कार्य अब अपर पुरवा नहर संभाग के कार्यपालन यंत्री कार्यालय से संपादित किया जाएगा।

रिपोर्टिग ऑफिस देवलोंद

एक अन्य आदेश में जलसंसाधन विभाग ने कार्यपालन यंत्री त्योंथर नहर संभाग सिरमौर को अधीक्षण यंत्री पक्का बांध मंडल देवलोंद शहडोल के अधीन कर दिया है। मुख्यालय सिरमौर ही रहेगा लेकिन अपने कामकाज की रिपोर्टिंग उक्त कार्यालय देवलोंद को करेगा।

न्यूज़ सोर्स : Good Morning