रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की रविवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में उत्तर पुस्तिकाओं की खरीदी के लिए 90 लाख रुपए खर्च करने की स्वीकृति का मामला अटक गया है। कार्यपरिषद सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। बैठक में इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी आवश्यक जानकारी कार्यपरिषद सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई थी। जिसे लेकर कुलसचिव को कटघरे में खड़ा किया और जरूरी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जिसके बाद इस मामले को लंबित कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 - 20 के बजट में उत्तर पुस्तिकाओं क्रय करने के लिए 90 लाख की विश्वविद्यालय ने जरूरत बनाई थी। कार्यपरिषद की बैठक में खर्च की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव रखा गया। बजट में एक करोड़ 50 लाख रुपए उत्तर पुस्तिका के लिए प्रस्ताव रखा गया। जिसमें से 29 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। अब एक करोड़ 21 लाख खर्च के लिए बची हुई है। जिसमें से 90 लाख रुपए खर्च के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति विश्वविद्यालय को चाहिए।

आवासीय परिसर को लेकर भी हंगामा

कार्यपरिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के एक मामले को लेकर भी हंगामा हुआ। कार्यपरिषद की बैठक में आवासीय परिसर में मरम्मत के लिए राशि स्वीकृति का प्रस्ताव रखा गया। पिछले दिनों भवन समिति की हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। उसे ही रविवार को कार्य परिषद में रखा गया। इसके मुताबिक आवास क्रमांक एच - 1 से एच - 4 में बाउण्ड्रीगेट लगाने और लान में फर्स बनाने के लिए 1.58 लाख रुपए स्वीकृति का प्रस्ताव रखा गया। इसी प्रकार आवास क्रमांक टीए एफ - 12 में पुताई, पेंटिंग व मरम्मत कार्य के लिए 1.93 लाख, आवास क्रमांक ई - 3 में पहुंच मार्ग निर्माण बाउण्ड्री गेट निर्माण एवं पुताई पेंटिंग का कार्य 2.26 लाख, आवास क्रमांक एच 21 एवं एच 22 में विभिन्न मरम्मति कार्य के लिए 2.43 लाख की प्रस्ताव रखा गया। आवास क्रमांक टी एफ 11 में पुताई, पेंटिंग एवं मरम्मति कार्य के लिए 1.97 एवं आवास क्रमांक एच - 17 से एच 20 में विभिन्न मरम्मति कार्य के लिए 4.91 लाख का प्रस्ताव रखा गया है। पिछले दिनों भवन समिति की बैठक में मंजूरी के बाद कार्य परिषद में इसे रखा गया। कार्यपरिषद सदस्यों ने बिना बिना टेंडर के कार्य कराने का आरोप लगाया। जिस पर काफी हंगामा हुआ। जिसके बाद मामले को फिलहाल लंबित कर दिया गया है।

विद्यार्थी कोष को भी नहीं मिली मंजूरी 

गरीब छात्रों के लिए रखी गई विद्यार्थी कोष को भी कार्यपरिषद से मंजूरी नहीं मिल पाई है। दरअसल कार्यपरिषद सदस्यों ने छात्रों पर ही शुल्क का अतिरिक्त भार लगाने पर सवाल खड़े किए। कार्यपरिषद सदस्यों ने कहा कि इससे छात्रों पर शुल्क का भार बढ़ाना गलत है। विश्वविद्यालय अन्य स्त्रोतों से धन की व्यवस्था कर गरीब छात्रों के कोष बनाएं। कार्यपरिषद सदस्यों ने तर्क दिया कि राज्य एवं केन्द्र सरकार गरीब छात्रों के लिए पहले से ही कई छात्रवृत्ति योजनाएं लागू की हैं। वैसे भी एक छात्र को एक से ज्यादा छात्रवृत्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता। ऐसे में कोई सार्थक मतलब नहीं निकलेगा।

कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन

कार्यपरिषद की बैठक के दौरान तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। बैठक कक्ष के बाहर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष बुद्धसेन पटेल ने बताया कि पिछले महीने हुई कार्यपरिषद की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। कुलपति से इस पर अलम करने की गुहार लगाई है। इस दौरान महासचिव डॉॅ. केके मिश्रा भी मौजूद रहे।

न्यूज़ सोर्स : Good Morning Rewa