• यूपीए ने शुरू की कसरत
  • माया ने नहीं खोले पत्ते, अखिलेश ने खुले रखे दरवाजे


लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण खत्म होते-होते सभी राजनीतिक दल सरकार बनाने के लिए जरूरी समीकरण बनाने की कवायद में जुट गए। विपक्ष के गठबंधन को लेकर अटकलें भी तेज होती जा रही हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश की बड़ी विपक्षी नेता बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती ने अभी भी पत्ते नहीं खोले हैं। राजनीतिक गलियारों से खबरें आ रही थीं कि मायावती दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगी, लेकिन उन पर विराम लग गया है। बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने ऐसी किसी मुलाकात से इनकार किया है। मिश्रा ने बताया कि मायावती सोमवार को लखनऊ में ही रहेंगी। उनका दिल्ली जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है और न ही किसी बैठक में उन्हें शामिल होना है। गौरतलब है कि ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि गैर-बीजेपी दलों के गठबंधन के मुद्दे पर माया सोमवार को दिल्ली में सोनिया और राहुल से मिलने वाली हैं।

अखिलेश बोले, जरूरत पड़ी तो कांग्रेस को समर्थन
इस बीच समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संकेत दिए हैं कि गठबंधन की अटकलों पर अभी विराम नहीं लगा है। उन्होंने रविवार को कहा कि गरीबों, किसानों, देश और भाईचारे की बात करने वाली पार्टियां 23 मई के बाद देश को नया पीएम देने के प्रयास में हैं। इसके लिए टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू विपक्ष के सभी नेताओं से बात कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस को समर्थन दिया जाएगा। अखिलेश ने दावा किया कि यूपी में महागठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी।

कर्नाटक मॉडल पर सरकार?
दरअसल, विपक्षी गठबंधन के सूत्रधार की भूमिका में नजर आ रहे तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को मायावती और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि नायडू दोनों नेताओं को सोनिया गांधी के घर पर होने वाली बैठक में हिस्सा लेने के लिए मनाने आए थे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक कांग्रेस केंद्र में कर्नाटक मॉडल पर सरकार बनाने का विचार कर रही है। अगर एनडीए को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता तो कांग्रेस ज्यादा सीटें मिलने के बाद भी सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं को पीएम पद पर काबिज होने का मौका दे सकती है।

गठबंधन के लिए नायडू कर रहे मशक्कत
नायडू पिछले कुछ वक्त में गठबंधन बनाने को लेकर काफी सक्रिय हो चुके हैं। वह सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और आम आदमी पार्टी (आप) अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल से भी मिल चुके हैं। लखनऊ में माया और अखिलेश से मुलाकात के बाद उन्होंने रविवार को दिल्ली में अध्यक्ष राहुल गांधी और एनसीपी के मुखिया शरद पवार से मुलाकात की थी।