बच्चों के लिए दूध सबसे जरुरी है क्योंकि यह उनकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरुरी है पर आजकल मिल रहा पैकेट वाला दूध बच्चों के लिए फायदेमंद होने की जगह नुकसानदेह हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि पैकेट में बंद दूध से नवजातों या बच्चों में बड़ी आसानी से 'डेवलपमेंट डिसऑर्डर' भी हो सकता है। 
बताया, "नवजात या कम उम्र के बच्चों के लिए मिलावटी या पैकेट में बंद दूध बहुत नुकसानदायक है क्योंकि उनका शरीर प्रीमैच्योर होता है और किसी भी तरह की मिलावट का उनके हर अंग पर बुरा प्रभाव पड़ता है, खासतौर पर किडनी, लीवर और ब्रेन पर उन्हें आसानी से डेवेलपमेंट डिसऑर्डर भी हो सकता है।"
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि बाजार में बिकने वाला करीब 10 प्रतिशत दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस 10 प्रतिशत में 40 प्रतिशत मात्रा पैकेज्ड मिल्क की है जो हमारे हर दिन के भोजन में इस्तेमाल में आता है।
यह 10 प्रतिशत कॉन्टैमिनेटेड मिल्क यानी दूषित दूध वह है, जिसकी मात्रा में वृद्धि दिखाने के लिए इसमें यूरिया, वेजिटेबल ऑयल, ग्लूकोज या अमोनियम सल्फेट आदि मिला दिया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक है।