रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने गुरुवार को जय श्री राम के नारे के बीच अपने दो साल पूरे होने का जश्न मनाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ सरकार की दूसरी वर्षगांठ मनाने चंदखुरी पहुंचे। इस अवसर पर राज्य पर्यटन विभाग द्वारा चंदखुरी के कौशल्या मंदिर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जिनको वोट लेना है, वो भी राम का नाम लेते हैं, लेकिन हमारे लिए तो राम जन-जन में व्याप्त हैं।

भूपेश बघेल की अगुवाई वाली सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर राम वन गमन पारिपथ पर्यटन रथ यात्रा को 14 दिसंबर को शुरू किया था। 1500 किमी से अधिक का रास्ता और नौ स्थानों पर होती हुई यह यात्रा गुरुवार को चंदखुरी में समाप्त हो गई। माना जाता है कि अपने निर्वासन के दौरान भगवान राम का निवास दंडकारण्य में था। राज्य के मंत्री गुरुवार को बस से राजधानी रायपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित चंदखुरी मंदिर पहुंचे।

यहां पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने भाजपा पर राम के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, हम स्वामित्व पर नहीं लड़ना चाहते हैं, और न ही हम नफरत फैलाना चाहते हैं। राम जन-जन में हैं, राम कण-कण में हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि माता कौशल्या ने ही राम के चरित्र को गढ़ा था, जो चरित्र माता कौशल्या का था, वही छत्तीसगढ़िया लोगों का है।उन्होंने ही राम को दुख-सुख में सम भाव से रहना सिखायाय़

सीएम ने कहा कि वनवास में भगवान राम कहीं भी जा सकते थे, लेकिन वे छत्तीसगढ़ आए, क्योंकि बच्चा मां-बाप से नाराज होकर अपने ननिहाल ही जाता है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि सतयुग में कालनेमी ने भी सोने के हिरन के लिए भगवान राम का नाम लिया था, अब जिनको वोट लेना है, वो भी प्रभु श्रीराम का नाम लेते हैं, लेकिन हमारे लिए तो राम जन-जन में व्याप्त हैं।

वहीं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि 2 साल में हमने जनता की सेवा का काम किया है, 2 साल के कार्यकाल में ही चंदखुरी में माता कौशल्या के मंदिर का पुनर्निर्माण और रामवनगमन पथ के लिए जो काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं, लेकिन भगवान राम हमारे लिए पूज्यनीय हैं। हम राम के नाम की रोटी नहीं सेकते, हमारे राम कौशल्या के राम हैं, भाजपा नेताओं के घर में राम का मंदिर नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं और सभी मंत्रियों के घर में मंदिर हैं।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि भाजपा को राम के प्रति कांग्रेस के प्यार की समस्या है। लेकिन वे केवट और शबरी के बारे में भूल गए हैं और केवल अमीरों की परवाह करते हैं। हम कौशल्या के राम, शबरी के राम, निषाद राज के राम की पूजा करते हैं। लेकिन भाजपा के लिए राम वोट के, नोट के और चोट के राम हैं, हमारे राम और उनके राम में मूलभूत अंतर है। मंत्री शिव डहरिया ने भी राम की व्याख्या अलग अंदाज में की। उन्होंने कहा कि, हम राम के नाम पर राजनीति नहीं करते.लेकिन भगवान राम तो हम कांग्रेसियों के दिल में बसे हैं, अगर कांग्रेसियों का सीना चीर के देखेंगे तो भगवान राम दिखेंगे।

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